अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दान विवाद के बाद मंदिर की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति से मौजूदा व्यवस्था में एक नई कड़ी जुड़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के हितों की रक्षा करना होगा और भक्तों का मंदिर व्यवस्था पर भरोसा कायम है।
आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि हालिया दान विवाद जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का समय आ गया है।
सवाल: दान विवाद का राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और दान पर क्या असर पड़ा है?
नृपेंद्र मिश्रा: दान की राशि का कोई अनुमान उपलब्ध नहीं है। लेकिन जिन श्रद्धालुओं से मैंने व्यक्तिगत रूप से बात की है, उनसे जो प्रतिक्रिया मिली है, उससे साफ है कि उनका ध्यान केवल भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा-अर्चना पर है। वे पहले की तरह बड़ी संख्या में मंदिर आते रहेंगे।
उन्होंने बताया कि शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हनुमानगढ़ी में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भगवान श्रीराम हमारी संस्कृति और धार्मिक आस्था के केंद्र हैं और भक्त पहले की तरह उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
सवाल: सीईओ की नियुक्ति के बाद राम मंदिर के प्रबंधन में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे?
नृपेंद्र मिश्रा: सीईओ मंदिर के समग्र प्रशासनिक और वित्तीय मामलों की निगरानी करेंगे। वे महासचिव की सलाह और मंदिर ट्रस्ट के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीईओ मौजूदा व्यवस्था में एक अतिरिक्त कड़ी होंगे। वर्तमान प्रशासनिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट सर्वोच्च संस्था है और उसके सभी निर्णय अंतिम होंगे।
सवाल: क्या सीईओ की नियुक्ति के बाद श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बदलाव होगा?
नृपेंद्र मिश्रा: राम मंदिर का पूरा प्रशासन श्रद्धालुओं को केंद्र में रखकर संचालित होना चाहिए। वर्तमान में भी मंदिर की सभी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। मंदिर का अस्तित्व श्रद्धालुओं के लिए है और हर निर्णय में उनकी सुविधा और हित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम देश की प्रगति और सभी नागरिकों के कल्याण की कामना करते हैं। भगवान श्रीराम से प्रार्थना है कि वे राष्ट्र को और अधिक समृद्धि प्रदान करें तथा सभी नागरिकों का कल्याण करें।
सवाल: राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है?
नृपेंद्र मिश्रा: मंदिर परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। केवल दो प्रमुख कार्य शेष हैं। पहला कार्य पुराने मंदिर और उसके स्मारक से जुड़ा है। अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, केवल 24 घंटे जलने वाली अखंड ज्योति की व्यवस्था बाकी है।
उन्होंने बताया कि दूसरा कार्य स्मारक का निर्माण है, जिसे जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। उनकी उम्मीद है कि मंदिर परिसर के सभी शेष निर्माण कार्य 15 अगस्त तक पूरे कर लिए जाएंगे।




