लखनऊ। रबी-उल-अव्वल और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर लखनऊ के इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने मुस्लिम समुदाय के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे जुलूस में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल हों और प्रशासन द्वारा तय की गई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।मौलाना फिरंगी महली ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया, "इस साल रबी-उल-अव्वल, यानी मिलाद-उन-नबी, 26 अगस्त को है। इससे एक दिन पहले रात में बड़े पैमाने पर जलसे होते हैं और अगले दिन जुलूस निकाले जाते हैं। इसी को देखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है।"
उन्होंने कहा, "जुलूस के दौरान सभी लोग सिर्फ तय रास्तों पर ही चलें। अपने मोहल्लों से बैनर और झंडे लपेटकर लाएं और उन्हें जुलूस के शुरुआती पॉइंट पर पहुंचने के बाद ही खोलें। जुलूस के दौरान ऐसा कोई नारा न लगाएं जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत हो। भड़काऊ नारेबाजी से पूरी तरह बचें।"
मौलाना ने कहा, "जुलूस अपने तय स्थान से निकलकर ईदगाह तक जाएगा। वहां पहुंचने के बाद जलसा होगा और मुल्क की सलामती, शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं की जाएंगी।"
एडवाइजरी में विशेष रूप से युवाओं से अपील की गई है कि वे मोटरसाइकिल पर स्टंट करने से बचें और अनुशासन बनाए रखें। जुलूस में शामिल होते समय यातायात नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने हमेशा अमन और भाईचारे का पैगाम दिया है, इसलिए इस दिन हमें भी शांति और मोहब्बत का पैगाम देना चाहिए। यह दिन खुशी का है। इसे सादगी और इबादत के साथ मनाएं।
उन्होंने सभी से अपील की कि इस मुबारक मौके पर देश की एकता और अखंडता के लिए विशेष दुआ करें और समाज में नफरत फैलाने वालों से दूर रहें।




