छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिले में फल-फूल रहे अवैध रेत कारोबार की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। माइनिंग, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में दबिश देकर दो दर्जन से अधिक अवैध बालू से भरे ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस औचक कार्रवाई से बालू माफियाओं और अवैध परिवहन में लिप्त लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।


तीन प्रमुख इलाकों में घेराबंदी, माफिया में मची भगदड़

कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार सुबह संयुक्त टीम ने गायत्री मंदिर के पास स्थित मुख्य बालू मंडी, महोबा रोड और राजनगर रोड पर एक साथ धावा बोला। इन इलाकों में लंबे समय से अवैध रेत के भंडारण और बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। जैसे ही अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंचा, मंडी में भगदड़ मच गई। कई ट्रैक्टर चालक कार्रवाई के डर से अपने वाहनों को चालू हालत में ही सड़क पर छोड़कर गलियों में फरार हो गए।


संयुक्त टीम का कड़ा रुख, जारी रहेगी कार्रवाई

इस विशेष अभियान में सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाना पुलिस के साथ माइनिंग इंस्पेक्टर और राजस्व विभाग के अधिकारी मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए सभी ट्रैक्टरों को संबंधित थानों में खड़ा कराया गया है। फरार चालकों और वाहन स्वामियों की पहचान की जा रही है, जिनके विरुद्ध खनिज अधिनियम और चोरी की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।


प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए रेत के अवैध धंधे में लगे लोगों को सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में कहीं भी अवैध उत्खनन या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों और नदियों के घाटों तक भी विस्तारित किया जा सकता है।