हादसों के बाद जागा प्रशासन: अतिक्रमण हटाने की मुहिम शुरू, लेकिन स्थायी समाधान पर सवाल

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नौगांव, कमल यादव। जिले के नौगांव में हाल के दिनों में लगातार सड़क हादसों ने प्रशासन को हरकत में ला दिया है। शनिवार सुबह 8 बजे नगर पालिका, तहसीलदार और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शहर की प्रमुख सड़क छतरपुर-नौगांव रोड पर अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। विशेष रूप से उस स्थान से कार्रवाई की गई जहां हाल ही में कक्षा 10वीं की छात्रा दीपा अहिरवार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। ई-रिक्शा से परीक्षा देने जा रही छात्रा की ईसानगर चौराहे पर खड़ी बाइक से टक्कर के बाद ई-रिक्शा पलटने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
प्रशासन ने बुलडोजर का इस्तेमाल कर अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर की सड़कों पर लंबे समय से स्थायी अतिक्रमण बने हुए हैं, जिन्हें अभी तक नहीं हटाया गया। नौगांव में लगभग 34 किलोमीटर की सड़कें और करीब 122 चौराहे हैं, जहां मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या गंभीर बनी हुई है। पिछले एक महीने में दो दर्दनाक हादसे हो चुके हैं—लगभग 20 दिन पहले बापू डिग्री चौराहे पर 5 वर्षीय मासूम की मौत और शुक्रवार को दीपा अहिरवार की घटना।
इन हादसों के बाद तहसीलदार रमेश कॉल ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर शहर को स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के अतिक्रमणों से मुक्त कराया जाएगा। नगर पालिका के इंजीनियर धर्मेंद्र चौबे ने भी शनिवार से अभियान शुरू करने की पुष्टि की। शहर के प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों में महोबा रोड, बेलाताल मार्ग, ईसानगर-शिकारपुरा रोड, बाजार क्षेत्र, गैरोली रोड, बापू डिग्री चौराहा और अन्य प्रमुख चौराहे एवं अंदरूनी सड़कें शामिल हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। करीब छह महीने पहले नगर पालिका, राजस्व और पुलिस की संयुक्त बैठक हुई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते अतिक्रमण हटाए जाते तो शायद इन हादसों से बचा जा सकता था। नौगांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और अव्यवस्थित यातायात के कारण शहर की छवि खराब हो रही है।
