विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर एसीएस सख्त ,15 अप्रैल तक कनेरादेव आवासों में गृह प्रवेश का अल्टीमेटम

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सागर,जीशान खान। शहर में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (नगरीय विकास एवं आवास) संजय दुबे ने सागर प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सागर प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, सीवरेज प्रोजेक्ट, स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और स्वच्छ सर्वेक्षण सहित विभिन्न शहरी योजनाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मैनपानी आवास परियोजना में आ रही बाधाओं को लेकर एसीएस ने बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने राजस्व विभाग की भूमि को तत्काल नगर निगम के नाम हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। एसीएस ने कहा कि भूमि हस्तांतरण में हो रही देरी के कारण परियोजना प्रभावित हो रही है, जिसे अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे मैनपानी आवास परियोजना के विस्तार और बुनियादी ढांचे के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
कनेरादेव आवास: 15 अप्रैल तक हर हाल में गृह प्रवेश
कनेरादेव आवास परियोजना के हितग्राहियों के लिए राहत भरी खबर देते हुए एसीएस श्री दुबे ने निर्देश दिए कि 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में गृह प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को फिनिशिंग सहित सभी शेष कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि तय समय-सीमा में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीवरेज प्रोजेक्ट: 60 हजार घरों को जोड़ने का निर्देश
शहर की सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसीएस ने लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी को निर्देश दिए कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निर्धारित सभी 60 हजार घरों को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने सड़कों की खुदाई के बाद गुणवत्तापूर्ण रेस्टोरेशन कार्य सुनिश्चित करने और एसटीपी की कार्यक्षमता की नियमित जांच करने के भी निर्देश दिए।
स्मार्ट सिटी और अमृत योजना पर संतोष
सागर स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर एसीएस ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर में स्मार्ट सिटी के कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिससे सागर अधिक सुंदर और व्यवस्थित हुआ है। अमृत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की भी उन्होंने सराहना की।
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर ‘एक्शन मोड’ में निगम
आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर नगर निगम को पूरी तरह एक्शन मोड में रहने के निर्देश दिए गए। एसीएस ने कहा कि केवल सफाई ही नहीं, बल्कि स्रोत पर कचरा पृथक्करण, कचरा प्रबंधन और शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
