छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिले के थाना पिपट अंतर्गत ग्राम पनागर में एक महिला की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे अन्य व्यक्ति को बेचने और विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पीडि़ता ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर कानूनी कार्रवाई करने और अपनी जमीन पर वापस कब्जा दिलाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पनागर निवासी पीडि़ता मुंदिका बशोर पति संजू बशोर का अपने मकान के सामने लगभग 30 वर्षों से एक खाली प्लॉट पर कब्जा है, जहाँ उनके पेड़-पौधे लगे हुए हैं। पीडि़ता का आरोप है कि गाजियाबाद निवासी अनावेदक राधा वर्मा ने गांव के ही एक कथित दलाल रामकृपाल प्रजापति के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। इन लोगों ने प्लॉट के फर्जी विक्रय पत्र तैयार करवाकर जमीन को लल्ली बाई अहिरवार को बेच दिया। इतना ही नहीं, उक्त भूमि पर जबरन निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया गया। जब इस मामले की जानकारी मिलने पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर काम रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन्हें भी धमकी देकर भगा दिया।
पीडि़ता का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध निर्माण और जालसाजी का विरोध किया, तो आरोपियों द्वारा उनके साथ मारपीट की धमकी दी गई। महिला ने आरोप लगाया है कि इस घटना की शिकायत उन्होंने स्थानीय थाने में भी की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा उन्हें निर्माण कार्य न रोकने की बात कही गई। पीडि़ता ने आशंका जताई है कि अनावेदक पुलिस से मिले हुए हैं और उन्होंने फर्जी कागजात के आधार पर न्यायालय तहसीलदार में नामांतरण हेतु दस्तावेज भी प्रस्तुत कर दिए हैं। परेशान होकर पीडि़ता ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी पैतृक जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

