नई दिल्ली। यूजीसी-नेट की पुनर्परीक्षा 9 और 10 सितंबर को होनी है। इस परीक्षा से ठीक पहले परीक्षा में शामिल होने जा रहे दिल्ली के अभ्यर्थियों के लिए एक अहम सलाह जारी की गई है। दरअसल 9 और 10 सितंबर को राजधानी में यात्रा और यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। इसको देखते हुए परीक्षार्थियों से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए पहले से मार्ग की जानकारी लेने और पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की अपील की गई है।

राजधानी दिल्ली में इन दिनों महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य दिनों की तुलना में यात्रा में अधिक समय लग सकता है। इसी को देखते हुए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का रास्ता आज ही देख लें, संभावित वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखें और सामान्य समय से काफी पहले घर से निकलें।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी-नेट जून 2026 की पुनः परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र पहले ही जारी कर दिए हैं। 9 और 10 सितंबर को आयोजित यह पुनः परीक्षा केवल तीन विषयों के लिए हो रही है। पुनः परीक्षा अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों के लिए आयोजित की जा रही है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर को, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी।

अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक व कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी।

दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित की थी। यह परीक्षा 87 विषयों के लिए आयोजित की थी। हालांकि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों में बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आई थीं। इसके बाद पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया है।

इन परीक्षाओं में भाषा, वर्तनी की गलतियों के अलावा पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी बड़ी संख्या में सामने आई थी। इन तीन विषयों के जो अभ्यर्थियों दोबारा परीक्षा देने जा रहे हैं, उनसे कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया गया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद स्वयं नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने ही एक समिति गठित की थी।

समिति ने जांच के बाद पाया कि इन तीनों प्रश्नपत्रों में कई तरह की त्रुटियां थीं। एनटीए की समीक्षा के बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है।