बीजिंग। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शांगहाई के शिच्याओ होटल में थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से मुलाकात की। अनुतिन 2026 विश्व एआई सम्मेलन और एआई वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने तथा आधिकारिक यात्रा पर चीन पहुंचे हैं।

मुलाकात के दौरान शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और थाईलैंड के बीच मित्रता हजारों वर्षों पुरानी है और आज भी मजबूत बनी हुई है। दोनों देश हमेशा एक-दूसरे के प्रति ईमानदारी और आपसी सम्मान का भाव रखते आए हैं, जिससे 'चीन और थाईलैंड एक परिवार' का गहरा रिश्ता बना है। उन्होंने कहा कि चीन अपनी पड़ोसी कूटनीति में चीन-थाईलैंड संबंधों को महत्वपूर्ण स्थान देता है और हमेशा से थाईलैंड का विश्वसनीय तथा भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहा है।

शी चिनफिंग ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक आपसी विश्वास को और मजबूत करने, रणनीतिक सहयोग बढ़ाने, मिलकर चुनौतियों का सामना करने तथा साझा भविष्य वाले अधिक स्थिर, समृद्ध और टिकाऊ चीन-थाईलैंड समुदाय के निर्माण में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन, थाईलैंड को उसकी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास का रास्ता अपनाने में पूरा समर्थन देता है और नई थाई सरकार के सुचारू शासन संचालन में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में दोनों देशों को उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखना चाहिए, विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच "2+2" रणनीतिक संवाद तंत्र का प्रभावी उपयोग करना चाहिए और रणनीतिक सहयोग को नए स्तर तक पहुंचाना चाहिए।

शी चिनफिंग ने रेल संपर्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), एयरोस्पेस, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, मीडिया और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को व्यावहारिक सहयोग और लोगों के आवागमन के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में थाईलैंड की महत्वपूर्ण भूमिका का समर्थन करता है तथा एपेक, चीन-आसियान और लांकांग-मेकोंग सहयोग जैसे बहुपक्षीय तंत्रों में उसके साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।

अनुतिन चर्नविराकुल ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा से थाईलैंड का भरोसेमंद मित्र रहा है। दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान, विश्वास और समर्थन किया है तथा थाईलैंड दृढ़ता से एक-चीन नीति का पालन करता है।

अनुतिन ने कहा कि थाईलैंड चीन के साथ संबंधों को और मजबूत करने, उच्च स्तरीय आदान-प्रदान बनाए रखने तथा व्यापार, निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी, संपर्क व्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देश ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी से संयुक्त रूप से निपटने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन में सहयोग बढ़ाने के लिए भी साथ मिलकर काम करेंगे, ताकि व्यापक रणनीतिक साझेदारी का लाभ दोनों देशों के लोगों तक पहुंचे।

अनुतिन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलें बहुपक्षवाद की भावना को मजबूत करती हैं और थाईलैंड उनका सक्रिय समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि थाईलैंड क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए चीन के साथ समन्वय और सहयोग मजबूत करने का इच्छुक है। साथ ही, थाईलैंड थाई-कंबोडिया संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और इस दिशा में चीन की निष्पक्ष तथा तटस्थ भूमिका की सराहना करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)