इंदौर,रविकांत वर्मा। तलाक के बाद गुजारा भत्ते की मांग को लेकर देशभर में चर्चित रहे शाहबानो प्रकरण पर किताब लिखने इंदौर पहुंची एक महिला लेखिका मॉब लिंचिंग जैसी घटना का शिकार हो गई। खजराना क्षेत्र में लोगों ने उसे “बच्चा चोर” समझकर बेरहमी से पीट दिया।
जानकारी के अनुसार, महिला शाहबानो मामले से जुड़े परिजनों से जानकारी और रिसर्च सामग्री जुटाने इंदौर आई थी। आरोप है कि परिजनों ने महिला से 25 लाख रुपये और किताब की बिक्री पर 3 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी। इसको लेकर एक एग्रीमेंट भी तैयार हुआ, लेकिन बाद में उसमें बदलाव कर दिए गए।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान महिला को “डेटा चोर” कहा गया, जिसे स्थानीय लोगों ने “बच्चा चोर” समझ लिया। देखते ही देखते भीड़ इकट्ठा हो गई और खजराना क्षेत्र की खिजराबाद कॉलोनी में महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। घटना के बाद पुलिस भी भ्रमित हो गई और महिला को कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। बाद में स्पष्ट हुआ कि महिला न तो बच्चा चोर है और न ही किसी अपराध में शामिल, बल्कि एक लेखिका है जो शाहबानो प्रकरण पर शोध कर रही थी।
महिला ने खजराना थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की जांच जारी है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्दोष व्यक्ति के साथ भीड़ हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



