वॉशिंगटन। ईरान की कार्रवाई के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोमवार (स्थानीय समयानुसार) ट्रंप ने कहा कि ईरान ने रात के दौरान जॉर्डन में तैनात अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका इसका जवाब देगा।फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "हम उन पर कड़ा प्रहार करेंगे। इसका जवाब दिया जाएगा।"
राष्ट्रपति ने बताया कि रात में दागी गई ईरानी मिसाइलों में से एक को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने जानबूझकर नहीं रोका, क्योंकि आकलन में पाया गया था कि वह किसी लक्ष्य को नहीं लगेगी। वहीं, बाकी आने वाली मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
हालांकि, ट्रंप ने कहा कि बातचीत की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, "वे बातचीत करना चाहते हैं। लेकिन मुझे नहीं पता कि उनके साथ किसी समझौते पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।"
ट्रंप ने कहा कि "प्रतिबंधों का असर अब बहुत मजबूती से दिखाई दे रहा है।"
फॉक्स न्यूज ने एक अमेरिकी सूत्र के हवाले से बताया कि ईरान ने रविवार को जॉर्डन में अमेरिकी बलों पर कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला अमेरिका की ओर से लारक द्वीप पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मिसाइल लॉन्चरों पर किए गए हवाई हमले के बाद हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
दूसरी ओर, ईरान की फर्स न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित किंग हुसैन और अल-अजराक अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद 'तकनीकी और रखरखाव ढांचे' तथा उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जहां 'दुश्मन के लड़ाकू विमान' तैनात थे। ईरान का दावा है कि इस हमले से भारी नुकसान हुआ।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने लारक द्वीप पर किए गए हमले को 'सीमित और सटीक कार्रवाई' बताया। उसका कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की उन माइन बिछाने वाली सैन्य क्षमताओं के खिलाफ की गई थी, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और वैश्विक व्यापार के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रही थीं।
हमले के बाद आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि इस कार्रवाई में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं। संगठन ने कहा कि इस हमले का जवाब 'आक्रमणकारी को सजा देकर' दिया जाएगा।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने अनौपचारिक रिपोर्टों के आधार पर कहा कि लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी 'ड्रोन हमले' में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए हैं।




