कोलकाता, 4 मई । पश्चिम बंगाल के भाटपाड़ा सीट पर संपन्न चुनाव का परिणाम सामने आ चुका है। इस सीट से भाजपा उम्मीदवार पवन कुमार सिंह ने जीत दर्ज की। नतीजों के साथ ही नॉर्थ 24 परगना की यह अहम सीट एक बार फिर राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है।भाजपा उम्मीदवार पवन कुमार सिंह ने 22,807 वोटों के अंतर से टीएमसी के अमित गुप्ता को चुनाव हराया। ईसीआई के अनुसार, यहां भाजपा प्रत्याशी को 61,683 वोट और टीएमसी को 38,876 वोट मिले।

भाटपाड़ा कोलकाता मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा है। यह बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक सामान्य विधानसभा सीट है। हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर बसे इस इलाके में भाटपाड़ा नगरपालिका के वार्ड 1 से 17 शामिल हैं। साथ ही, यह पूरी तरह शहरी क्षेत्र है।

इस सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। शुरुआती पांच दशकों तक कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच सत्ता का आदान-प्रदान होता रहा। दोनों ने यहां से छह-छह बार जीत दर्ज की। इसके बाद यहां तृणमूल कांग्रेस का उदय हुआ। टीएमसी के अर्जुन सिंह ने 2001 से 2016 के बीच लगातार चार चुनाव जीते और इस सीट को टीएमसी का एक मजबूत गढ़ बनाया। समय के साथ वक्त ने करवट ली और 2019 में अर्जुन सिंह भाजपा में शामिल हुए और उनके लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यहां उपचुनाव हुआ। इस चुनाव में उनके बेटे पवन कुमार सिंह ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को हराकर भाजपा के खाते में सीट डाल दी। इसके बाद, 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी और इस सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत की।

डेमोग्राफिक दृष्टि से भाटपाड़ा एक विशुद्ध शहरी सीट है, जहां 2021 में करीब 1.54 लाख मतदाता थे। मुस्लिम मतदाता लगभग 23.40 प्रतिशत हैं, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता मिलाकर करीब 10 प्रतिशत के आसपास हैं। हालांकि, यहां वोटिंग प्रतिशत में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जो शहरी क्षेत्रों में बढ़ती चुनावी उदासीनता को दर्शाता है।

भाटपाड़ा का इतिहास भी इसे खास बनाता है। 'भट्टा-पल्ली' से निकला इसका नाम संस्कृत विद्वानों की बस्ती से जुड़ा है, जहां कभी पारंपरिक शिक्षा के केंद्र हुआ करते थे। ब्रिटिश काल और आजादी के बाद यह क्षेत्र एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित हुआ। जूट उद्योग ने इसमें अहम भूमिका निभाई। हालांकि, आज कई जूट मिलें बंद हो चुकी हैं, लेकिन उनके प्रभाव से यहां की सामाजिक और आर्थिक संरचना आज भी प्रभावित है।

वर्तमान में यहां की अर्थव्यवस्था छोटे उद्योगों, व्यापार, सर्विस सेक्टर और अनौपचारिक श्रम पर आधारित है। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से भी भाटपाड़ा अच्छी तरह विकसित है। रेलवे और सड़क नेटवर्क के जरिए यह कोलकाता और आसपास के शहरों से जुड़ा हुआ है। भाटपाड़ा रेलवे स्टेशन सियालदह-राणाघाट लाइन पर स्थित है, जबकि बैरकपुर ट्रंक रोड इसे बेहतर सड़क कनेक्टिविटी प्रदान करता है।