लंदन। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने बुधवार को बताया कि उन्हें होर्मुज स्ट्रेट में एक घटना की जानकारी मिली है। उनके मुताबिक एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के कार्गो जहाज से टकराने के बाद उसमें आग लग गई।

एजेंसी ने आगे बताया कि जहाज के सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है हालांकि दो लोगों के घायल या हताहत होने की खबर है।

अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं और पर्यावरण पर किसी तरह के असर की कोई खबर नहीं है।

हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कार्गो जहाजों पर ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों को देखते हुए जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने वहां खतरे के स्तर को 'गंभीर' की श्रेणी में कर दिया था। मध्यपूर्व एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से क्षेत्र में समुद्री रूट के जरिए कार्गो जहाजों और टैंकरों की आवाजाही पर बढ़ते खतरे को देखते हुए ये चेतावनी जारी की गयी।

यूकेएमटीओ ने सोमवार (21 सितंबर) को जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर की ओर से एक अहम रिपोर्ट जारी की थी। चेतावनी दी गई कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरा बहुत ज्यादा बना हुआ है और मौजूदा हालात में जान-बूझकर हमले होने की आशंका बढ़ सकती है।

कहा गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मु में कार्गो जहाजों के नेविगेशन में रुकावटें बनी हुई हैं और नाविकों को सलाह दी गई कि वे माइनिंग (बारूदी सुरंग बिछाने) की कोशिशों को लेकर अलर्ट रहें।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर और यूकेएमटीओ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 16 सितंबर से 21 सितंबर तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कार्गो जहाजों या टैंकरों पर चार हमलों की पुष्टि हुई थी।

जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर अपने आकलन के आधार पर लगातार कहता रहा है कि होर्मुज से होने वाला कमर्शियल ट्रैफिक 2025 के बेसलाइन के मुकाबले कम हुआ है। स्वतंत्र ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि यहां से आने-जाने वाले जहाजों की संख्या सिंगल डिजिट (10 से कम) रही है, जबकि यूएस एनसीएजीएस डेटा ने 21 सितंबर को दावा किया कि 19 से 21 सितंबर के बीच औसतन 30 से ज्यादा जहाज रोजाना गुजरे।

होर्मुज में अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान का उसे तोड़ने के दावे के बीच अंतराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार में अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता जा रहा है।