इंदौर, रविकांत वर्मा। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी लोन निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक फाइनेंस कंपनी का तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव तथा एक महिला शामिल है। आरोपियों ने पीड़िता और महिला आरोपी का नाम एक जैसा होने का फायदा उठाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया।


क्राइम ब्रांच के अनुसार फरियादी अमरीन बेग ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जुलाई 2025 में वह अपने पति शाहबुद्दीन के साथ वाशिंग मशीन खरीदने के लिए फाइनेंस कराने एक दुकान पर पहुंची थीं। वहां लोन प्रक्रिया के दौरान उनका आवेदन रिजेक्ट हो गया। जांच करने पर पता चला कि उनके नाम पर पहले से ही आरोहण फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की केशरबाग रोड शाखा से 40 हजार रुपए का लोन स्वीकृत है, जिसकी किश्तें जमा नहीं होने के कारण उनका सिबिल स्कोर खराब हो चुका था और उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया था।


पीड़िता और उसके पति ने फाइनेंस कंपनी से लोन संबंधी दस्तावेज प्राप्त किए तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। लोन आवेदन में दस्तावेज तो पीड़िता और उसके पति के लगाए गए थे, लेकिन लाइव फोटो और बैंक खाता किसी अन्य महिला अमरीन खान का उपयोग किया गया था।


पुलिस जांच में सामने आया कि 28 दिसंबर 2023 को कंपनी के तत्कालीन कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव राहुल कुमार पोरवाल ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पीड़िता के दस्तावेज लिए थे। राहुल ने जानबूझकर पीड़िता के दस्तावेजों के साथ सह-आरोपी अमरीन खान की लाइव फोटो और बैंक पासबुक ऑनलाइन आवेदन में अपलोड कर दी। इसके बाद तत्कालीन ब्रांच मैनेजर दिलीप यादव ने बिना उचित सत्यापन के आवेदन को मंजूरी दे दी, जिसके चलते 30 दिसंबर 2023 को 40 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हो गया और राशि आरोपी महिला के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।


जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर लोन राशि का लाभ उठाया। आरोपियों ने पीड़िता और महिला आरोपी का नाम समान होने का फायदा उठाकर पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दिया।


क्राइम ब्रांच ने आरोपी अमरीन खान, राहुल कुमार पोरवाल और दिलीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।