झारग्राम, 5 अप्रैल । पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में टीएमसी-भाजपा के नेताओं की ओर से बयानबाजी तेज कर दी गई है। राजनीतिक दलों की ओर से प्रदेश में अगली सरकार बनाने का दावा किया जा रहा है। प्रदेश में टीएमसी के नेता-कार्यकर्ता चौथी बार टीएमसी की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेताओं का दावा है कि जनता टीएमसी के कुशासन से त्रस्त हो चुकी है। इसीलिए, इस बार जनता ने मन बना लिया है कि बंगाल में भाजपा की सरकार बने।

झारग्राम पहुंचे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी वर्तमान की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में डबल इंजन सरकार के बनने का दावा किया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल धीरे-धीरे संवैधानिक नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता जिनके कंधों पर इस समय शासन की जिम्मेदारी है, उनके पास अब लोगों को सुशासन देने का कोई एजेंडा नहीं बचा है। समाज के विभिन्न वर्गों में डर और दहशत पैदा करके और लोगों को डरा-धमकाकर शासन करने का यह तरीका संविधान के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी बंगाल में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई है। इसने यहां लोकसभा की कई सीटें जीती हैं और पिछले कार्यकाल में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है। इस बार, बंगाल की जनता ने अपना मन बना लिया है कि बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनानी है।

एनईपी का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जो लोग एनईपी का विरोध कर रहे हैं, वे असल में अपनी ही मातृभाषा का सबसे ज्यादा विरोध कर रहे हैं। एनईपी 2020 में साफ तौर पर कहा गया है कि शुरुआती सालों में शिक्षा मातृभाषा में ही दी जाएगी। बंगाल में यह बंगाली में होगी, तो तमिलनाडु में तमिल में। एनईपी के खिलाफ बोलने वाले लोग राजनीतिक मकसद से समाज में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कामयाब नहीं होंगे।

बाबू जगजीवन राम की जयंती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका दृष्टिकोण हमें समाज सेवा के लिए प्रेरणा देता रहेगा।