दमिश्क। सीरिया ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया, जिसके तहत उसे आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों की सूची से हटा दिया गया है। सीरिया ने इसे दशकों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग स्थिति को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सीरिया के विदेश मामलों से जुड़े प्राधिकरण ने कहा कि यह फैसला 'सीरिया के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत' है। इससे देश की आर्थिक बहाली को मदद मिलेगी, पुनर्निर्माण के लिए बेहतर माहौल बनेगा और सीरिया में स्थिरता तथा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका के सीरिया और इराक मामलों के विशेष राष्ट्रपति दूत टॉम बैरक ने सोमवार को बताया कि वॉशिंगटन ने औपचारिक रूप से सीरिया को आतंकवाद प्रायोजक देशों की सूची से हटा दिया है।
अमेरिका ने वर्ष 1979 में सीरिया को इस सूची में शामिल किया था। इसके बाद कई दशकों तक यह दर्जा बरकरार रखा गया। अमेरिका का आरोप था कि तत्कालीन सीरियाई सरकार के लेबनान के हिज्बुल्लाह, कुछ फिलिस्तीनी संगठनों और ईरान से संबंध थे। 1979 में सीरिया को अमेरिकी ब्लैकलिस्ट में डाला गया था, जिसमें ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश भी शामिल हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, "ट्रेजरी विभाग राष्ट्रपति ट्रंप के उस वादे को पूरा कर रहा है, जिसमें उन्होंने सीरिया की जनता को आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही थी। आज का यह कदम सीरिया में अतिरिक्त निवेश को प्रोत्साहित करेगा और राजनीतिक तथा आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।"
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, "ये सभी कदम राष्ट्रपति अहमद अल शारा के नेतृत्व वाली सीरियाई सरकार की ओर से उठाए गए सकारात्मक कदमों और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से पूरी तरह दूरी बनाने की उसकी प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं।"
उन्होंने कहा, "पिछले एक वर्ष में सीरिया की सरकार ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।"
अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने कहा कि यह सूचीबद्ध दर्जा लंबे समय से सीरियाई जनता को उस निवेश, कारोबार और अवसरों से दूर रखे हुए था, जिनकी देश के पुनर्निर्माण के लिए जरूरत थी। बहुत लंबे समय तक इस दर्जे ने सीरियाई लोगों को अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए जरूरी निवेश, उद्यम और अवसरों से अलग रखा। आज एक और दीवार गिर गई है।




