रीवा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी आपत्तिजनक और विवादित पोस्ट के जरिए समाज में वैमनस्य फैलाने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे रीवा जिले के खुटहा गांव निवासी चर्चित यूट्यूबर मनीष पटेल ने आखिरकार कानून के बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। बुधवार को आरोपी मनीष पटेल ने स्वयं रीवा के सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। उल्लेखनीय है कि बीते 22 मई को माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) द्वारा आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पूरी तरह खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद से ही उस पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। पुलिस ने सरेंडर के तुरंत बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से माननीय कोर्ट ने उसे मामले की गहन पूछताछ के लिए 2 दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास कर रही है।


इस पूरे विवादित मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो आरोपी मनीष पटेल सोशल मीडिया की दुनिया में एक जाना-माना नाम है, जिसके विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करीब 40 लाख (4 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच और केस डायरी के अनुसार, इसी साल 29 जनवरी को आरोपी ने एक सुनियोजित वीडियो बनाकर उसे अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था। इस विवादित वीडियो में उसने समाज की युवतियों को लेकर बेहद अभद्र, अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही समाज के प्रबुद्ध जनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद आक्रोशित जनसमुदाय के विरोध प्रदर्शन और लिखित शिकायत के आधार पर संबंधित थाने में आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी।


मामला दर्ज होने के बाद से ही शातिर आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि फरारी काटने के दौरान भी आरोपी लगातार सोशल मीडिया पर पूरी तरह सक्रिय बना हुआ था। वह पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से अलग-अलग शादी समारोहों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के पुराने व नए वीडियो लगातार पोस्ट कर रहा था, जिससे साइबर सेल और पुलिस टीम के लिए उसकी वास्तविक लोकेशन और गतिविधियों पर सटीक नजर रखना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। हालांकि, पुलिस की निरंतर तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) और चौतरफा बढ़ते दबाव के चलते जब आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका भी उच्च न्यायालय से खारिज हो गई, तो उसके पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं बचा।


सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह के अनुसार, आत्मसमर्पण के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मुख्य मोबाइल फोन पूरी तरह जब्त कर लिया है, जिससे विवादित कंटेंट अपलोड किया गया था। इसके अलावा, घटना में प्रयुक्त अन्य डिजिटल डिवाइसों, कैमरों और लैपटॉप की बरामदगी के लिए आरोपी के संभावित ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। मध्य प्रदेश पुलिस की साइबर विंग अब इस बिंदु पर भी बेहद बारीकी से जांच कर रही है कि इस विवादित और तनाव पैदा करने वाले वीडियो को स्क्रिप्ट करने, बनाने और उसे विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल करने में आरोपी मनीष पटेल के साथ कोई अन्य सह-आरोपी, एडिटर या पीआर टीम का सदस्य शामिल था या नहीं। फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से बंद कमरे में पूछताछ का सिलसिला जारी है और पुलिस जल्द ही इस मामले में सप्लीमेंट्री चालान कोर्ट में पेश करेगी।