सतना, अंबिका केशरी। एयरफोर्स अधिकारी रामराज सिंह के घर पर 5 जून को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और उनके बेटे हर्ष सिंह की हत्या के प्रयास का मुख्य आरोपी अमित सोनी उर्फ बंटा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 10 हजार रुपये के इनामी इस आरोपी ने पांच दिन की पुलिस रिमांड के दौरान वारदात की साजिश, फरारी का पूरा रूट और कई अहम खुलासे कर दिए। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल भी हवाई पट्टी क्षेत्र से बरामद कर ली है।
पुलिस पूछताछ में अमित सोनी ने बताया कि हर्ष सिंह के साथ उसकी लंबे समय से पुरानी रंजिश और विवाद चल रहा था। हर्ष द्वारा बार-बार गाली-गलौज और धमकियां दिए जाने के बाद उसने अपने साथियों अमर सिंह, अभिज्ञान त्रिपाठी, अंकित सिंह और युवराज उर्फ राजाबाबू सिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
वारदात का पूरा मंजर
5 जून को सभी आरोपी घूरडांग पहुंचे। पहले उन्होंने वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की और पथराव किया। इसके बाद उन्होंने कई राउंड फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। हमले के बाद आरोपी एक सहयोगी की मदद से कार से हवाई पट्टी पहुंचे, जहां उन्होंने घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल छिपा दी।
फिर सभी बेला की ओर भागे, जहां अंकित सिंह और युवराज अलग हो गए। अमित सोनी, अमर सिंह और अभिज्ञान त्रिपाठी प्रिंस बाल्मीक की मदद से मैहर-जबलपुर-भोपाल होते हुए मुंबई फरार हो गए। फरारी के दौरान आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर पुलिस को खुली चुनौती भी दी।
फरारी का रूट और गिरफ्तारी
मुंबई पहुंचने के बाद आरोपी अलग-अलग हो गए। अमित सोनी भुसावल चला गया, जबकि अमर सिंह और अभिज्ञान त्रिपाठी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। कई दिनों की फरारी के बाद अमित भुसावल से जबलपुर लौटा और सतना पहुंचते-पहुंचते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ में अमित सोनी ने वारदात में सहयोग करने वाले अन्य लोगों के नाम भी उजागर किए हैं। पुलिस इन संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है और जल्द उनकी गिरफ्तारी की तैयारी में है।
कोलगवां थाना पुलिस इस पूरे मामले को लेकर लगातार छानबीन कर रही है। इस गोलीकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। अब मुख्य आरोपी के खुलासों से पुलिस को कई अहम सुराग मिल गए हैं।

