मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्यप्रदेश के मंदसौर में करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई सीवरेज परियोजना पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। शहर की सीवर व्यवस्था को आधुनिक बनाने और बाबा पशुपतिनाथ की पावन शिवना नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से बनाई गई इस योजना में कई स्थानों पर सीवर लाइन ओवरफ्लो होने लगी है। वहीं नालों की दीवारों के क्षतिग्रस्त होने के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में व्यवस्था चरमरा जाना गंभीर लापरवाही का संकेत है। लोगों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार किया गया होता तो इतनी जल्दी योजना की खामियां सामने नहीं आतीं।
इस मामले को लेकर मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने परियोजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से तैयार की गई योजना यदि पहली ही बारिश में फेल हो रही है तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। विधायक ने मांग की है कि जहां भी निर्माण कार्य में अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
विपिन जैन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी। फिलहाल पहली बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने करोड़ों रुपये की इस परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




