सतना, अंबिका केशरी। जिले की ग्राम पंचायत रौड में पदस्थ पंचायत सचिव कुंवर बहादुर सिंह की कार्यशैली को लेकर विवाद गहरा गया है। सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर महिला सरपंच, जनपद सदस्य, पंच एवं ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है।


जनपद सदस्य सीमा बागरी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सचिव द्वारा पंचायत के निर्माण कार्यों के भुगतान लंबित रखे जा रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही महिला सरपंच के साथ अभद्र व्यवहार, पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहने तथा नागौद स्थित निजी निवास से पंचायत संचालन करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।


ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सचिव की कार्यशैली के संबंध में पूर्व में भी कई बार शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि इससे पंचायत के विकास कार्यों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हो रहा है।


ज्ञापन में जिला एवं जनपद प्रशासन से मांग की गई है कि सचिव के खिलाफ पूर्व में प्रस्तुत सभी शिकायतों का निराकरण 6 जून 2026 तक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय-सीमा तक कार्रवाई नहीं हुई तो 8 जून 2026 से जनपद पंचायत नागौद कार्यालय परिसर में जनपद सदस्य, सरपंच, पंच और ग्रामीण अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण अनशन शुरू करेंगे।


आंदोलन की घोषणा करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि उन्हें अनशन पर बैठने के लिए विवश होना पड़ता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला एवं जनपद प्रशासन की होगी। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।