इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पंढरीनाथ थाने के ठीक सामने एक सीमेंटेड सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। देखते ही देखते सड़क के बीचों-बीच 10 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में दहशत फैल गई।


10 फीट गहरा गड्ढा, आवाजाही हुई बुरी तरह प्रभावित

सड़क के अचानक धंसने से मौके पर यातायात काफी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना सुबह करीब 11 बजे नगर निगम को दी। सूचना मिलते ही निगम की टीम तत्काल जेसीबी और अन्य मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर इलाके को सुरक्षित किया और फिर गड्ढे को भरने और सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया।


कारणों की तलाश में जुटा नगर निगम

नगर निगम के अधिकारियों के लिए यह जांच का विषय बन गया है कि मजबूत सीमेंटेड सड़क अचानक नीचे कैसे बैठ गई। फिलहाल निगम की टीम सड़क के नीचे से गुजर रही पाइपलाइनों और ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर रही है। यह अंदेशा जताया जा रहा है कि पानी के लीकेज या पाइपलाइन में किसी खराबी के कारण जमीन के भीतर खाली जगह बन गई होगी, जिससे सड़क धंस गई।


शहर में पहले भी हो चुकी हैं सड़क धंसने की घटनाएं

इंदौर में सड़क या पेवर्स धंसने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर में ऐसे कई वाकये सामने आ चुके हैं: करीब तीन साल पहले 24 घंटे जलापूर्ति के लिए बिछाई गई नई पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान, 40 करोड़ रुपए की लागत से बनी सड़क अचानक धंस गई थी। ड्रेनेज लाइन डालने के बाद लगाए गए पेवर्स बारिश के दौरान कई स्थानों पर नीचे बैठ गए थे। कुछ जगहों पर तो पेवर्स तीन फीट तक खराब हो गए थे, जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था।


जांच के बाद ही स्पष्ट होगी असल वजह

अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक कार्य गड्ढे को भरकर यातायात सुचारू करना है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरम्मत के बाद सड़क दोबारा न धंसे। यदि जांच में पाइपलाइन लीकेज या अंडरग्राउंड पानी का रिसाव सामने आता है, तो निगम द्वारा संबंधित लाइन को भी सुधारा जाएगा। फिलहाल पूरी जांच के बाद ही इस घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।