नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल बेहद तेज हो गई है। एक ओर जहां जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन 32वें दिन भी जारी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सीधे प्रधानमंत्री आवास के पास अचानक धरना शुरू कर दिया।


पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का गुपचुप प्रदर्शन, हाथ बांधकर जताया विरोध

कांग्रेस ने पीएम आवास के समीप इस प्रदर्शन की तैयारी बेहद गोपनीय ढंग से की थी, जिसकी भनक किसी को नहीं लगने दी गई। देखते ही देखते राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं समेत कई प्रमुख नेता मौके पर पहुंचे और उग्र नारेबाजी करने लगे।


सुरक्षा घेरे में प्रदर्शन: चूंकि यह इलाका अति-संवेदनशील (Security Sensitive Zone) है और यहां किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होती, इसलिए सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।


अनोखा विरोध: जब पुलिस फोर्स प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आगे बढ़ी, तो कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने हाथ बांध लिए।


हिरासत में लिए गए नेता: अचानक हुए इस प्रदर्शन से हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया।


जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों की वापसी, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलनकारियों का 32वें दिन भी जमावड़ा बना हुआ है।


देर रात फिर जुटे प्रदर्शनकारी: दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम जंतर-मंतर से टेंट हटाकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया था, लेकिन देर रात आंदोलनकारी फिर से वहां एकत्र हो गए।


सुबह बांटा गया नाश्ता: मंगलवार दोपहर 12 बजे तक हजारों की संख्या में आंदोलनकारी दोबारा धरना स्थल पर पहुंच गए। सुबह कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों को नाश्ता वितरित किया।


पुलिस के खिलाफ नारे: जब सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो CJP समर्थकों ने ‘दिल्ली पुलिस हाय-हाय’ के जोर-शोर से नारे लगाए।


दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल होंगे शिफ्ट

इसी बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय से भी एक अहम खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से हटाकर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है।


अदालत ने आदेश दिया है कि मेदांता अस्पताल उनके बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों का एक विशेष पैनल गठित करेगा। हाईकोर्ट ने यह फैसला सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है।