टीकमगढ़,मोहसिन अहमद। नगर पालिका द्वारा सिविल लाइन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती अनोखे अंदाज में सामने आईं। वे एक पोहा ठेले पर पहुंचीं और खुद पोहा बेचकर कार्रवाई का विरोध जताया।
बताया गया है कि सोमवार को नगर पालिका ने सड़क किनारे लगे हाथ ठेलों और रेडी को हटाया था, जिससे छोटे व्यापारियों में नाराजगी थी। इसके विरोध में उमा भारती मौके पर पहुंचीं और गरीबों के समर्थन में खड़ी नजर आईं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की यह कार्रवाई तानाशाहीपूर्ण है और इससे रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका प्रभावित होती है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी नगर पालिका अधिकारियों से बात हो चुकी है और अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आगे कोई कार्रवाई की जाती है तो वे इसके खिलाफ खड़ी होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है।
उमा भारती ने कहा कि सिविल लाइन से कलेक्टरेट तक कई छोटे व्यापारी ठेले लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन जिस तरह से ठेले हटाए गए और नुकसान पहुंचाया गया, वह बेहद दुखद है। उन्होंने नारियल पानी और पोहा बेचने वाले लोगों के ठेले तोड़े जाने को गलत बताया और कहा कि इन्हें यहीं रोजगार करने दिया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने टीकमगढ़ सांसद एवं केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी आम लोगों के बीच सहज रूप से रहते हैं। हालांकि उमा भारती के साथ इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था मौजूद रही।

