भोपाल | मध्य प्रदेश में भले ही अभी तक मानसून ने आधिकारिक रूप से कदम नहीं रखा हो, लेकिन प्री-मानसून की गतिविधियों ने जून महीने की शुरुआत में ही पूरे सूबे को सराबोर कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, जून के शुरुआती दिनों में ही प्रदेश के कोटे की सामान्य से 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। पूरे मध्य प्रदेश में अब तक औसत आधा इंच (8.3 मिमी से अधिक) पानी गिर चुका है, जबकि सामान्य तौर पर इन दिनों महज 8.3 मिमी के आसपास ही एवरेज बारिश दर्ज होती थी। इस अप्रत्याशित बारिश ने जेठ की तपन को पूरी तरह शांत कर दिया है।
नीमच और भोपाल में भारी बारिश, मानसूनी सीजन की गणना शुरू
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, सूबे के कई जिलों में जून के शुरुआती हफ्ते में ही एक से ढाई इंच तक पानी गिर गया है। सर्वाधिक ढाई इंच बारिश नीमच जिले में दर्ज की गई है, जबकि राजधानी भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में अब तक 2-2 इंच पानी बरस चुका है। इसके अलावा सतना, सीधी, बुरहानपुर, हरदा, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर और श्योपुर जैसे जिलों में भी 1 इंच या उससे अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों ने स्पष्ट किया कि भले ही यह प्री-मानसून गतिविधि है, लेकिन नियमानुसार देश में मानसूनी बारिश का रिकॉर्ड 1 जून से ही मेंटेन किया जाता है, जो 30 सितंबर तक चलता है।
महाराष्ट्र पहुंचा मानसून, एमपी में 15 से 18 जून के बीच देगा दस्तक
तपते मध्य प्रदेश के लिए राहत की बड़ी खबर यह है कि रविवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र में विधिवत आमद दे दी है। महाराष्ट्र में मानसून के सक्रिय होते ही मध्य प्रदेश में इसके पहुंचने का काउंटडाउन शुरू हो गया है।
तय समय पर आएगा मानसून:
"मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आधिकारिक तारीख 15 जून निर्धारित है। पिछले साल यानी 2023 में मानसून अपने तय समय से महज एक दिन की देरी से 16 जून को दाखिल हुआ था। इस बार जो परिस्थितियां बन रही हैं, उसके मुताबिक 15 से 18 जून के बीच मानसून मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों (खंडवा, बुरहानपुर या छिंदवाड़ा) के रास्ते सूबे में प्रवेश कर सकता है।"
- मौसम विशेषज्ञ, भोपाल
सोमवार को भी रहेगा अंधड़ का दौर, 29 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सोमवार (आज) के लिए भी प्रदेश के एक बड़े हिस्से में आंधी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। आज जिन 29 जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से—ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढूर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी शामिल हैं। इससे पहले रविवार को भी देवास और सीहोर समेत कई इलाकों में धूलभरी आंधी के साथ तेज बारिश दर्ज की गई थी।
भोपाल का ट्रेंड: 14 साल में 7 बार भीगा 'नौतपा'
राजधानी भोपाल के मौसम का एक दिलचस्प ट्रेंड भी सामने आया है। पिछले 14 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो भोपाल में 7 बार नौतपा के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि 2 बार हल्की बूंदाबांदी हुई है। इस साल भी नौतपा की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हुई थी और लगातार 9 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहा। हालांकि वर्ष 2018 और 2019 में नौतपा में सबसे ज्यादा तपिश रही थी, जब पारा 43 डिग्री के पार चला गया था, लेकिन इस बार नौतपा खत्म होने के बाद भी आंधी और बारिश का सिलसिला लगातार जारी है।

