अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीम। पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के ग्राम सिंहपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। महज पांच वर्षीय मासूम किसन पिछले करीब तीन वर्षों से "कम्प्लीट प्रोलैप्स" जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। बीमारी के कारण उसकी स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि वह न ठीक से बैठ पा रहा है और न ही लेट पा रहा है। असहनीय दर्द के कारण उसे दिन-रात खड़े रहकर समय बिताना पड़ रहा है।


मासूम के पिता ने बताया कि बेटे के इलाज के लिए उन्होंने अपनी जमीन और मकान तक बेच दिए। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद बेटे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार इलाज के बाद भी राहत नहीं मिलने से अब पूरा परिवार आर्थिक तंगी की मार झेल रहा है और आगे का इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ हो चुका है।


परिजन मासूम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजयगढ़ पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए किसी बड़े अस्पताल में तत्काल भर्ती कराने और जल्द से जल्द ऑपरेशन कराने की सलाह दी। डॉक्टरों के अनुसार अब ऑपरेशन ही बच्चे के उपचार का प्रमुख विकल्प बचा है।


सबसे मार्मिक क्षण तब सामने आया जब मीडिया के सामने दर्द से तड़पते मासूम किसन ने बार-बार कहा, "मुझे बचा लो... बहुत तेज दर्द हो रहा है।" उसकी यह पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।


परिवार का कहना है कि इलाज में उनकी सारी जमा-पूंजी समाप्त हो चुकी है। अब उनके पास न ऑपरेशन कराने के लिए पैसे बचे हैं और न ही परिवार के भरण-पोषण का कोई पर्याप्त साधन। इतना ही नहीं, परिवार ने बताया कि उनके पास न संबल कार्ड है, न अंत्योदय कार्ड और न ही गरीबी रेखा का राशन कार्ड, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है।


पीड़ित माता-पिता ने सरकार, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाजसेवियों से हाथ जोड़कर अपने मासूम बेटे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की अपील की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समय रहते इस परिवार तक मदद पहुंचेगी और मासूम किसन को नई जिंदगी मिल पाएगी, या फिर उसकी दर्दभरी पुकार यूं ही अनसुनी रह जाएगी।