नई दिल्ली, 4 मई । असम में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने जा रही है। अब तक के रुझानों में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलता नजर आ रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और जनता में पार्टी के भरोसे को मजबूत करने का काम किया। सबसे खास बात ये है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचारों ने पार्टी को अहम बढ़त दिलाई। ऊपरी असम में चाय बगानों में काम करने वालों के साथ पीएम मोदी का सीधा कनेक्शन जबरदस्त राजनीति फायदा पहुंचने का काम किया, जिसका सीधा असर नतीजों में भी देखने को मिला।
डिब्रूगढ़ के चाय बेल्ट में पीएम मोदी का मजदूरों संग सीधा संवाद, कल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्यवन और लगातार राजनीतिक संपर्क ने भाजपा को मजबूत समर्थन दिलाने का कार्य किया है। यही वजह है कि अब यह इलाका भाजपा के लिए एक मजबूत गढ़ के रूप में उभर रहा है।
जहां चाय बेल्ट वाले इस क्षेत्र में सभी 6 सीटें डिब्रूगढ़, चबुआ-लाहोवाल, दुलियाजान, टिंगखोंग, नाहरकटिया, खोवांग पर भाजपा बड़े मार्जिन के साथ आगे चल रही है, तो वहीं कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इन सीटों पर भाजपा की बढ़त न केवल स्थिर है, बल्कि कई जगहों पर हार-जीत का अंतर भी काफी बड़ा हो सकता है, जो स्पष्ट संकेत देता है कि वोटरों का झुकाव एकतरफा हो चुका है।
चुनाव आयोग के रिजल्ट आंकड़ों के मुताबिक, असम की 126 विधानसभा सीटों में से एनडीए 102 से ज्यादा सीटों पर आगे है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 82 सीटों में से 71 सीटों पर जीत कर ली है और 11 सीटों पर आगे चल रही है।
एनडीए में मुख्य सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने भी शानदार पर प्रदर्शन करते हुए 10-10 सीटों पर बढ़त बना ली है। इसके अलावा, कांग्रेस ने 19 में 9 सीटों पर जीत दर्ज की ली है, जबकि पार्टी 10 सीटों पर आगे चल रही है।

