भोपाल, जीतेन्द्र यादव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की गई विशेष अपील और वर्तमान में चल रहे अधिकमास के संयोग ने सराफा बाजार की चाल बदल दी है। इस दोहरे प्रभाव के कारण मध्य प्रदेश सहित देश भर के सराफा बाजारों में सोने की मांग में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
भोपाल सर्राफा महासंघ के अध्यक्ष सुशील कुमार धनवानी ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात करते हुए कहा कि वर्तमान में हिंदू पंचांग के अनुसार अधिकमास चल रहा है, जो आगामी 15 जून तक जारी रहेगा। सनातन परंपरा में अधिकमास के दौरान वैसे भी किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य या शुभ खरीदारी नहीं की जाती है, जिसके चलते इस अवधि में अमूमन सराफा बाजारों में ग्राहकी काफी कमजोर रहती है।
सुशील कुमार धनवानी ने स्पष्ट किया कि अधिकमास के इस स्वाभाविक प्रभाव के साथ-साथ बाजार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का भी खासा और सीधा असर देखने को मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने एक जिम्मेदार कारोबारी संगठन के प्रमुख के नाते यह भी साफ कर दिया कि यदि देश के आर्थिक हितों या किसी आपात स्थिति के लिए ऐसी जरूरत है, तो देश का पूरा सराफा व्यापारी वर्ग प्रधानमंत्री के इस फैसले के साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आ रही ग्राउंड रिपोर्ट्स में सराफा कारोबारियों ने सोने की खरीदी में भारी गिरावट की बात स्वीकार की है। राजधानी भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों के सराफा शोरूमों में ग्राहकों की चहल-पहल काफी कम हो गई है। कई प्रमुख स्वर्ण व्यवसायियों और रिटेलर्स का कहना है कि पीएम की अपील के बाद से सोने की बिक्री में अचानक लगभग 20 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री के वक्तव्य का उपभोक्ताओं पर तुरंत एक बड़ा मनोवैज्ञानिक असर पड़ा, जिसके कारण लोग फिलहाल सोने के बड़े आभूषणों या भारी निवेश से दूरी बना रहे हैं। इस अस्थायी सुस्ती के बीच बाजार में मांग का एक नया पैटर्न भी उभरकर सामने आया है, जहाँ लोग सोने के भारी आभूषणों के बजाय कम वजन वाली लाइटवेट ज्वेलरी या फिर चांदी के सिक्कों और बर्तनों की खरीदारी की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
हालांकि, सराफा बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मांग में आई इस कमी के बावजूद सोने की कीमतों में कोई बहुत बड़ी एकतरफा गिरावट नहीं देखी जा रही है, क्योंकि बाजार इस समय वैश्विक और घरेलू कारकों के बीच झूल रहा है। एक तरफ जहाँ घरेलू स्तर पर रिटेल खरीदारी बेहद कमजोर पड़ी है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां, अमेरिकी डॉलर की लगातार बढ़ती मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के दामों को लगातार सहारा मिल रहा है। यही वजह है कि वर्तमान में सराफा बाजार में मांग की भारी गिरावट और कीमतों में उतार-चढ़ाव दोनों स्थितियां एक साथ देखने को मिल रही हैं।



