इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को एक और बड़ी और सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहाँ मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का एक जूनियर इंजीनियर (कनिष्ठ यंत्री) रिश्वत के जाल में इस कदर फंसा कि घूस के नोट गिनते-गिनते सीधे लोकायुक्त के शिकंजे में आ गया। आरोपी अधिकारी ने एक होटल की छत पर सोलर प्लांट लगाने की एनओसी और फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में 80 हजार रुपये की मोटी रकम की डिमांड की थी। लोकायुक्त की टीम ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाते हुए, पहली किस्त के 40 हजार रुपये लेते ही आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। इस औचक कार्रवाई से बिजली कंपनी के दफ्तर में हड़कंप मच गया।


लोकायुक्त पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार पर लगातार प्रहार कर रहे दल ने सुखलिया जोन स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री (जूनियर इंजीनियर) नमेश कुमार भोंडेकर को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ इंदौर के जाने-माने बिल्डर और होटल व्यवसायी शिवप्रकाश बसवाल ने लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सरकारी काम की एवज में उनसे खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है, जिसके बाद लोकायुक्त ने पूरी विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया।


बिल्डर शिवप्रकाश बसवाल ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया था कि अम्बे नगर स्थित उनकी 'जीआर-7' (GR-7) होटल की इमारत की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने का कार्य चल रहा था। इस सोलर प्लांट की फाइल को तकनीकी रूप से मंजूर कर आगे बढ़ाने के एवज में कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर ने बकायदा 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने लोकायुक्त की शरण ली। लोकायुक्त के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले गुप्त रूप से इस शिकायत का भौतिक सत्यापन कराया। जब जूनियर इंजीनियर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि तकनीकी रूप से सही पाई गई, तो आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन कर जाल बिछाया गया।


शनिवार को तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही फरियादी व्यवसायी ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये की नकदी कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर के हाथों में थमाई, वैसे ही दफ्तर में आम लोगों के भेष में पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने आरोपी कनिष्ठ यंत्री को मौके पर ही धरदबोचा और उसके पास से केमिकल युक्त घूस के नोट बरामद कर लिए।


लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी नमेश कुमार भोंडेकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। लोकायुक्त के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के कार्यकाल के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले भी कितने लोगों से इस तरह रिश्वत वसूली है और क्या इस अवैध खेल में बिजली विभाग के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं।