जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय "सेक्सटॉर्शन गैंग" ने आतंक मचा रखा है, जहाँ मासूम दिखने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट असल में एक गहरी साजिश का हिस्सा साबित हो रही हैं। आकर्षक प्रोफाइल और झूठी दोस्ती के झांसे में फंसाकर ठगों द्वारा अश्लील वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का जो खेल खेला जा रहा है, उसका सार उस "डिजिटल हनीट्रैप" में छिपा है जहाँ हर महीने औसतन 15 मामले आधिकारिक रूप से सामने आ रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि बदनामी के डर से कई पीड़ित घुट-घुट कर जीने को मजबूर हैं।


जालसाजों का तरीका बेहद शातिर और तकनीकी रूप से सुदृढ़ है। वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर सुंदर युवतियों की फर्जी प्रोफाइल तैयार करते हैं और लोगों को अपनी बातचीत के जाल में उलझाकर टेलीग्राम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले ऐप पर ले जाते हैं। यहाँ ठग वीडियो कॉल के दौरान पीड़ित की अश्लील रिकॉर्डिंग कर लेते हैं या किसी संदिग्ध लिंक के जरिए उनके मोबाइल डेटा तक पहुँच बना लेते हैं। इसके बाद शुरू होता है ब्लैकमेलिंग और पैसों की उगाही का अंतहीन सिलसिला, जिसमें पीड़ित मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट जाता है।


साइबर क्राइम सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा के अनुसार, लोक-लाज और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर होने के कारण अधिकांश लोग पुलिस तक पहुँचने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कई पीड़ित केवल गोपनीय सलाह लेने के लिए साइबर शाखा पहुँचते हैं, लेकिन औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से कतराते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से जुड़ना और उनके द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक करना आत्मघाती साबित हो सकता है। ठगों का मुख्य हथियार पीड़ित का वह डर है जिसे वे "वायरल" करने की धमकी देकर भुनाते हैं।


पुलिस और साइबर सेल ने जनता से विशेष अपील की है कि वे अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करना, संदिग्ध लिंक से दूरी बनाना और वीडियो कॉल के लिए दबाव बनाने वालों से तुरंत संपर्क तोड़ना ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। यदि कोई इस जाल में फंस भी जाता है, तो उसे डरने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए, क्योंकि समय रहते की गई शिकायत न केवल पीड़ित को ब्लैकमेलिंग से बचा सकती है, बल्कि इन अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में भी मददगार साबित होगी।