बड़ामलहरा, लोकेन्द्र सिंह। रीवा जिले में विहाररत जैन संतों पर कार से जानबूझकर टक्कर मारने की घटना ने पूरे जैन समाज को झकझोर दिया है। आर्यिका 105 उपशममती माताजी एवं श्रुतमती माताजी सहित उनके संसघ को कार से कुचल दिए जाने की घटना को जैन समाज ने सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है और इसे संदिग्ध षड्यंत्र करार दिया है।
समाजजनों ने थाना प्रभारी शिशिर तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम मांग की कि घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा आरोपी को शीघ्रतम कठोर सजा दिलाई जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि युवक अपनी कार को अचानक सड़क किनारे पटरी पर विहार कर रही जैन संताओं की ओर मोड़कर टक्कर मार देता है। दुर्घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इस भीषण हादसे में दोनों पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हो गया।
समाज का आरोप
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उपलब्ध वीडियो और परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। यह मात्र दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हमला प्रतीत होता है। समाज ने मांग की है कि मामले की SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो तथा डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। यदि किसी बड़े षड्यंत्र के तथ्य सामने आते हैं तो आरोपी पर गंभीर धाराएं लगाई जाएं।
मुख्य मांगें
मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए
आरोपी को शीघ्र कठोर सजा मिले
“संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” तत्काल लागू किया जाए
विहार मार्गों पर पुलिस सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
जैन समाज ने कहा कि जैन साधु-संत पूर्ण अहिंसक, निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं जो समाज को शांति, संयम और करुणा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों पर लगातार हो रहे हमले और दुर्घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, द्रोणगिर ट्रस्ट कमेटी और बड़ामलहरा जैन समाज ने एक स्वर में कहा कि संतों एवं निर्दोष नागरिकों के विरुद्ध इस प्रकार के अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

