भोपाल। किसानों के समर्थन में एक सशक्त बयान सामने आया है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी को लेकर स्पष्ट मांग रखी गई है। बयान में कहा गया—


“किसान जहां है, वहीं रहेगा!
जब किसान को MSP की गारंटी नहीं —
तो उनकी फसल पर महंगाई कैसी?
पहले किसानों को MSP दो,
फिर कोई ट्रेड डील की बात करो!”


इस बयान के जरिए यह संदेश दिया गया कि जब तक किसानों को उनकी उपज का सुनिश्चित और गारंटीड मूल्य नहीं मिलेगा, तब तक किसी भी व्यापारिक समझौते पर चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। वक्ताओं ने दोहराया कि महंगाई की मार सबसे पहले किसान झेलता है, इसलिए नीति-निर्माण में उसकी आय की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।


कार्यक्रम में “जय जवान, जय किसान” के नारे के साथ किसानों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का आह्वान किया गया।