उमरिया, तपस गुप्ता। जिले के बरतराई गांव से स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। प्रसूता को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजन करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार परिजनों ने पिकअप वाहन की व्यवस्था की और प्रसूता को करीब 15 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों के अनुसार, प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की गई थी। उन्हें बताया गया कि मानपुर से एंबुलेंस आने के बाद ही उसे गांव भेजा जाएगा। काफी देर इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था करना ही उचित समझा।
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी परिजनों की परेशानी कम नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अस्पताल के मुख्य गेट पर कर्मचारी की गैरमौजूदगी दिखाई दे रही है। इसके बाद परिजनों ने खुद प्रसूता को वाहन से उतारा और स्टेचर की मदद से अस्पताल के अंदर पहुंचाया। कांग्रेस नेत्री एवं जनपद सदस्य रोशनी सिंह द्वारा इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, वायरल वीडियो की पेप्टिक टाईम न्यूज स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. केसी सोनी ने बताया कि वर्तमान में रेफर के मामले अधिक होने के कारण एंबुलेंस की कमी की समस्या सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसूता और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। वहीं अस्पताल के गेट पर कर्मचारी नहीं मिलने के मामले में संबंधित कर्मचारी को नोटिस देने और जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना ने आपात स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचने के बाद तत्काल सहायता मुहैया कराने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विभागीय जांच और कार्रवाई के परिणाम का इंतजार है।




