भोपाल, जितेंद्र यादव। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती (वर्ग 1) के चयनित अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन और धरना जारी है। चयनित शिक्षक लंबे समय से 10 हजार पद वृद्धि की मांग को लेकर लामबंद हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में पदों की संख्या काफी कम रखी गई है, जिससे योग्यता और परीक्षा पास करने के बावजूद हजारों उम्मीदवार नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हैं।
शिक्षा मंत्री पर सहमति और अधिकारियों पर अड़ंगा लगाने का आरोप
धरना स्थल पर मौजूद चयनित शिक्षकों ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं: प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री उनकी जायज मांगों को मान चुके हैं और पद वृद्धि के पक्ष में हैं, लेकिन लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) में बैठे प्रशासनिक अधिकारी इस प्रक्रिया में अड़ंगा लगा रहे हैं। अधिकारियों की हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये के कारण ही योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
नीलम पार्क में डटे चयनित शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी 10 हजार पद वृद्धि की मांग पूरी नहीं हो जाती, उनका प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा: अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और विभाग ने जल्द ही पद वृद्धि का आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया, तो वे भोपाल की सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
राजधानी में जारी इस धरने से चयनित शिक्षकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, वहीं अब देखना होगा कि शासन और स्कूल शिक्षा विभाग इस पर क्या रुख अपनाता है।




