भोपाल| मध्य प्रदेश में पिछले नौ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है, जिससे प्रदेशवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (17 जुलाई) को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की चेतावनी जारी की है, जिसमें बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। इसके अतिरिक्त, राज्य के 31 अन्य जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जुलाई का दूसरा पखवाड़ा राज्य में मानसून की स्थिति सुधारने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
क्यों बदलेगा मौसम का मिजाज? तीन प्रमुख प्रणालियाँ हुईं सक्रिय
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, इस समय वायुमंडल में तीन शक्तिशाली मौसम प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय हो रही हैं, जो राज्य में बारिश की गतिविधियों को तेज करेंगी। पहली प्रणाली बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) है, जो नमी को मैदानी इलाकों की ओर खींच रहा है। दूसरी प्रणाली के रूप में मध्य प्रदेश के ऊपर ही तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं। इसके साथ ही, आगामी 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय होने जा रहा है। इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण अगले चार दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे।
चिंता का विषय: नौ दिनों की सुस्ती से गिरा बारिश का ग्राफ
पिछले नौ दिनों से प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश न होने के कारण मानसून के कुल आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में अब तक कुल 243.3 मिलीमीटर (9.6 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो कि इस अवधि की सामान्य बारिश (281.3 मिलीमीटर या 11.1 इंच) से लगभग 13% कम है। इस सूखे का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर पड़ा है, जहाँ सामान्य से 26% कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह कमी केवल 2% दर्ज की गई है। यही कारण है कि मौसम वैज्ञानिक आने वाले दिनों की बारिश को फसलों और जलाशयों के लिए बेहद अहम मान रहे हैं।
शुक्रवार का अलर्ट: कहाँ होगी भारी बारिश और कहाँ सताएगी गर्मी?
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। बालाघाट और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि आलीराजपुर, धार, इंदौर, देवास, जबलपुर, सिवनी, मंडला और छतरपुर समेत 31 जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का दौर चलेगा। दूसरी तरफ, ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर और सीहोर जैसे जिलों के नागरिकों को फिलहाल दिन के समय तेज गर्मी और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है, जिसके बाद ही यहाँ मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
आगामी चार दिनों का अनुमान: चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का दायरा लगातार विस्तृत होता जाएगा। 18 जुलाई को अनूपपुर, मऊगंज और सीधी में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि भोपाल सहित 40 से अधिक जिलों में पानी गिरेगा। 19 जुलाई को सागर, पन्ना, कटनी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे अधिकांश हिस्से जलमग्न हो सकते हैं। वहीं, 20 जुलाई को सतना और कटनी समेत पूर्वी व मध्य जिलों में भारी बारिश का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
क्षेत्रीय असमानता: कुछ जिले सूखे की मार पर, तो कहीं सामान्य से अधिक वर्षा
इस मानसूनी सीजन में अब तक प्रदेश के जिलों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। राज्य के कुल 35 जिले ऐसे हैं जहाँ अब तक सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है; इनमें जबलपुर, कटनी, सिवनी, शहडोल, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम और धार जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इसके विपरीत, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, गुना, शाजापुर और नीमच सहित करीब 20 जिलों में अब तक सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है, जिससे इन क्षेत्रों के जल स्तर में सुधार हुआ है।




