नीमच। जावद विधानसभा क्षेत्र के बांगरेड गांव में आयोजित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सड़क निर्माण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कार्यक्रम स्थल पर जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते विधायक को कार्यक्रम अधूरा छोड़कर वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, विधायक ओमप्रकाश सखलेचा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने मंच से विकास कार्यों को लेकर संबोधन शुरू किया, ग्रामीणों ने अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क का मुद्दा उठा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल भवन का निर्माण तो किया जा रहा है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क उपलब्ध नहीं है। बरसात के दिनों में कीचड़ और खराब रास्ते के कारण मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी जा रही है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मंच के आसपास एकत्र हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ते देख विधायक के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया। इस दौरान ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी निर्मित हो गई। काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। विरोध बढ़ने पर विधायक को कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर अपने काफिले के साथ गांव से रवाना होना पड़ा। विरोध के चलते अस्पताल भवन से जुड़े कार्यक्रम की अन्य औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो सकीं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर स्थिति पर नजर बनाए रखी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अस्पताल मार्ग का पक्कीकरण नहीं किया जाएगा, तब तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।

