भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत राज्य में केवल एक शादी करने वालों को ही रहने का अधिकार होगा। उनकी सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में यह विधेयक पेश करेगी।

मोहन यादव ने कटनी जिले के झिंझरी और बहोरिबंद में नवनिर्मित संदीपनी स्कूलों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए यूसीसी कानून के तहत मध्य प्रदेश में केवल एक विवाह करने वालों को ही निवास का अधिकार होगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून सभी धर्मों के लोगों पर लागू होगा।

यादव ने कहा कि भगवान राम के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश 'एक राष्ट्र, एक संविधान, एक ध्वज और एक कानून' की ओर अग्रसर है। विधानसभा के मानसून सत्र में हम सभी धर्मों के लोगों के लिए समान नागरिक संहिता लाएंगे।

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से 25 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा और भाजपा सरकार द्वारा इस सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है।

सीएम यादव ने पहले भी कहा था कि प्रस्तावित यूसीसी राज्य में केवल एक ही विवाह को मान्यता देगा।

राज्य सरकार ने इसके बाद प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।

यदि विधेयक पारित हो जाता है तो मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है।

इस घोषणा का राजनीतिक महत्व है क्योंकि भाजपा ने लगातार समान नागरिक संहिता के कार्यान्वयन का समर्थन किया है। इसके साथ यह भाजपा के चुनाव घोषणापत्र का एक प्रमुख वादा था, और यह मुद्दा पार्टी के व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे का हिस्सा बना हुआ है।

कटनी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम यादव ने दो संदीपनी स्कूलों का भी उद्घाटन किया और छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र में यूसीसी लाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।