मुंबई, 25 मई । भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र राज्य मुस्लिम खटीक समाज के अध्यक्ष हाजी अराफात शेख ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर, मराठी भाषा प्रशिक्षण और बकरी व्यापारियों से जुड़े कुरैशी समुदाय से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे पिछले 21 वर्षों से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में सक्रिय हैं और इस दौरान उन्होंने अपने संगठन का बड़े स्तर पर विस्तार किया है।
उन्होंने बताया कि उनके संगठन की शुरुआत लगभग 1300 सदस्यों से हुई थी, जो अब बढ़कर पूरे महाराष्ट्र में लगभग साढ़े सात लाख सदस्यों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे सरकारी नियमों और मराठी भाषा की समझ के साथ बेहतर काम कर सकें।
शेख ने बताया कि हाल ही में उनके संगठन द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई और इसे एक सफल आयोजन बताया गया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक महीने में उनके संगठन ने कई बैठकों और प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया है, जिनका उद्देश्य ट्रांसपोर्ट क्षेत्र से जुड़े लोगों को जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जो ट्रक, टैक्सी और ऑटो जैसे वाहनों का संचालन करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि चालकों को सरल मराठी भाषा सिखाई जानी चाहिए, ताकि वे यात्रियों से बेहतर संवाद कर सकें। रोजमर्रा के संवाद जैसे दिशा पूछना या स्थान बताना सीखना आवश्यक है।
शेख ने कहा कि ट्रांसपोर्ट यूनियन द्वारा दिन के खाली समय में प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है, ताकि ड्राइवरों की आजीविका पर असर न पड़े। उन्होंने कहा कि दोपहर के समय, जब वाहन चालक अपेक्षाकृत खाली रहते हैं, तब उन्हें प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार मराठी भाषा प्रशिक्षण को बढ़ावा देती है, तो इससे न केवल रोजगार में सुधार होगा बल्कि यात्रियों और चालकों के बीच संवाद भी आसान होगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार की ओर से भी इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है और प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा हाजी अराफात शेख ने कहा कि महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में, विशेष रूप से मीरा भयंदर और आसपास के क्षेत्रों में, बकरों के परिवहन को लेकर व्यापारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ट्रकों को रोक दिया जाता है और उन्हें गलत तरीके से पशु परिवहन नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बकरी व्यापारी पूरे देश से बकरी को खरीदकर लाते हैं और उन्हें ईद जैसे अवसरों के लिए बेचते हैं, जिससे उनकी आजीविका चलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बकरी परिवहन को लेकर स्पष्ट नियमों की आवश्यकता है, ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को इस विषय पर एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, जिसमें वाहन क्षमता, वजन और परिवहन की शर्तें स्पष्ट हों।
उन्होंने कहा कि कई बार वाहनों को गौशाला में भेज दिया जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पशुओं की देखभाल भी ठीक से नहीं हो पाती, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है।
हाजी अराफत शेख ने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर बकरी व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच हो और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
हाजी अराफात शेख ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करता, लेकिन वैध व्यापार को परेशान करना गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह पशु व्यापार के लिए अलग से व्यवस्थित ढांचा तैयार करे।
उन्होंने कहा कि अगर नियमों के तहत केज सिस्टम या विशेष ढांचा तैयार किया जाए, तो बकरी परिवहन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासन को भी निगरानी में आसानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संगठन द्वारा इस मुद्दे को लेकर जल्द ही राज्य सरकार के संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी और एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके अलावा, उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कुछ नेताओं के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार निर्णय व्यावहारिक स्थिति को समझे बिना लिए जाते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह व्यापारियों और आम लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझे और उसके अनुसार नीति बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समुदाय या वर्ग को अनावश्यक रूप से परेशान करना उचित नहीं है।
हाजी अराफात शेख ने अंत में कहा कि उनका उद्देश्य केवल ट्रांसपोर्ट सेक्टर और व्यापारियों के हितों की रक्षा करना है और वे लगातार सरकार से संवाद बनाए रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इन समस्याओं का समाधान निकलेगा और व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सरल होगी।

