भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और नौतपे के तपते दिनों की समाप्ति के तुरंत बाद ही मौसम के मिजाज में अचानक एक बड़ा और यू-टर्न (बदलाव) देखने को मिला है। राज्य में एक साथ सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के चलते प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिसके सीधे असर से प्रदेश के अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ तेज आंधी की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल ने बुधवार, 3 जून 2026 को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित राज्य के 36 महत्वपूर्ण जिलों में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का आधिकारिक अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में बनी इस विशेष मौसमी प्रणाली के कारण आगामी 3 से 4 दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम का रुख ऐसा ही बना रहने की पूरी संभावना है।


मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 4 जून के आसपास अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश में वास्तविक मानसून के आगामी 20 से 22 जून के बीच दस्तक देने का अनुमान जताया गया है। प्री-मानसून की इस सक्रियता के चलते मंगलवार, 2 जून 2026 को राजधानी भोपाल और ग्वालियर में अधिकतम तापमान गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि उज्जैन में 37.5 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राहत की बात यह है कि लगातार हो रही बारिश और घने बादलों के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी होने की कोई संभावना नहीं है।


बीते 24 घंटों की बात करें तो निमाड़ के खंडवा और बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के खजुराहो को छोड़कर मध्य प्रदेश के अन्य सभी जिलों का पारा 40 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को भीषण लू से बड़ी राहत मिली है। इस दौरान झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, मुरैना और भिंड जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तबाही मचाने वाली धूल भरी तेज हवाएं चलीं। इसके साथ ही इंदौर, दमोह, भिंड, दतिया, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, आगर, शाजापुर और सीहोर जिलों में गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें पड़ीं, जिससे वातावरण में अच्छी-खासी ठंडक घुल गई है।


मौसम विभाग द्वारा बुधवार के लिए जारी की गई चेतावनी के तहत नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अत्यंत तेज और विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, मालवा-निमाड़, बुंदेलखंड और महाकौशल के प्रमुख जिलों जैसे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, खरगोन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी में वज्रपात (आकाशीय बिजली) चमकने, तेज बारिश होने और अंधड़ चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।