मुंबई। संगीत की दुनिया में वैशाली माडे और हर्षित सक्सेना ऐसे दो नाम हैं, जिन्होंने रियलिटी शो के जरिए अपनी पहचान मजबूत की और आगे चलकर फिल्मों, टीवी और अलग-अलग तरह के संगीत में काम किया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों का जन्म भी एक ही तारीख यानी 21 अगस्त को हुआ है। हालांकि, उनकी संगीत यात्रा और काम करने का अंदाज अलग रहा।

वैशाली माडे का जन्म 21 अगस्त 1984 को महाराष्ट्र के हिंगणघाट में हुआ। मराठी संगीत की दुनिया में उनकी खास पहचान है। उन्होंने 2008 में 'सा रे गा मा पा मराठी' में हिस्सा लिया। यहां उनकी आवाज को लोगों ने पसंद किया और उन्होंने शो जीतकर अपनी मजबूत शुरुआत की। इसके बाद उनके लिए सबसे बड़ा मौका 'सा रे गा मा पा चैलेंज 2009' बना। इसमें उन्होंने अपनी आवाज के दम पर लंबा सफर तय किया। दर्शकों के वोट और उनके बड़े फैन बेस ने उन्हें विजेता बना दिया।

शो जीतने के साथ वैशाली माडे को 50 लाख रुपए का म्यूजिक कॉन्ट्रैक्ट, हुंडई आई10 कार और एलसीडी टीवी भी मिला।

रियलिटी शो की सफलता के बाद वैशाली ने फिल्मों और टीवी की दुनिया में कदम बढ़ाया। उन्होंने मराठी धारावाहिक 'कुलवधू' का टाइटल ट्रैक गाया। इसके बाद 'होनार सून मी ह्या घरची' जैसे लोकप्रिय शो में भी उनकी आवाज सुनाई दी। हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 'दमादम!' में उन्होंने हिमेश रेशमिया के साथ 'हम तुम' गाया। इसके बाद 'बाजीराव मस्तानी' में श्रेया घोषाल के साथ 'पिंगा' और 'फितूरी' जैसे गानों में उनकी आवाज सुनाई दी। 'कलंक' के 'घर मोरे परदेसिया' में भी उन्होंने श्रेया घोषाल के साथ गाया।

दूसरी ओर हर्षित सक्सेना का जन्म 21 अगस्त 1985 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ। हर्षित के पिता अभिलाष सक्सेना बीएसएनएल में काम कर चुके हैं, जबकि उनकी मां वंदना सक्सेना गृहिणी हैं। हर्षित ने संगीत को अपना करियर बनाने से पहले फिजियोथेरेपी की पढ़ाई भी की और वह प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट हैं। साल 2007 से वह मुंबई में रहकर संगीत की दुनिया में काम कर रहे हैं।

हर्षित ने भी टीवी के रियलिटी शो को अपने करियर का अहम हिस्सा बनाया। वह 'अमूल स्टार वॉयस ऑफ इंडिया', 'जो जीता वही सुपर स्टार' और 'म्यूजिक का महा मुकाबला' जैसे शो में नजर आए और फाइनल तक पहुंचे। इसके अलावा वह 'अमूल छोटे उस्ताद' के शुरुआती सीजन में भी दिखाई दिए। इन कार्यक्रमों ने उन्हें घर-घर तक पहुंचने का मौका दिया और उनके लिए फिल्मी दुनिया के दरवाजे भी खोले।

इसके बाद हर्षित ने सिर्फ गायन तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने संगीत निर्देशन में भी कदम रखा। 2011 की फिल्म 'मर्डर 2' उनके करियर का बड़ा मोड़ बनी। उन्होंने फिल्म के 'हाल-ए-दिल' गाने को अपनी आवाज देने के साथ इसका संगीत भी तैयार किया। इस गाने ने उन्हें पहचान दिलाई और 2012 में उन्हें म्यूजिक मिर्ची अवॉर्ड में उभरते संगीतकार का पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने 'हेट स्टोरी', 'सुपर नानी', 'होटल मिलान' और 'सब कुशल मंगल' जैसी फिल्मों के लिए भी संगीत तैयार किया और गाने गाए।

समय के साथ हर्षित का जुड़ाव टीवी और भक्ति संगीत से भी बढ़ा। उन्होंने 'सात कदम' के लिए संगीत दिया। 2024 में 'श्रीमद रामायण' के लिए उन्होंने पार्श्व गायन किया। इस काम के लिए उन्हें भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ गायक का सम्मान मिला। बाद में वह 'वीर हनुमान' जैसे शो के लिए भी संगीतकार और गायक के रूप में जुड़े। उन्होंने कई भक्ति गीत भी रिलीज किए, जिनमें 'पवन भक्ति', 'तेरा सिमरन', 'अच्युतम केशवम' और 'शंकनाद' जैसे गीत शामिल हैं।

वैशाली को भी अपने लंबे सफर में कई सम्मान मिले। 'पिंगा' और 'घर मोरे परदेसिया' जैसे गानों के लिए उन्हें पुरस्कारों के लिए नामांकन मिला और 'घर मोरे परदेसिया' के लिए स्क्रीन अवॉर्ड भी जीता।

--आईएएनएल