जयपुर। राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने शुक्रवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई शहरों और कस्बों में जलभराव, घरों और बाजारों में पानी घुसने तथा तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बीच भरतपुर जिले के सबसे बड़े बरेठा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर प्रशासन ने कुकुंद नदी के किनारे बसे 50 गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है।
अधिकारियों के अनुसार, बरेठा बांध का जलस्तर बढ़कर 26.60 फीट पहुंच गया है, जबकि इसकी पूर्ण भराव क्षमता 29 फीट है। प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर 27 फीट तक पहुंचते ही किसी भी समय बांध के गेट खोले जा सकते हैं। एहतियात के तौर पर कुकुंद नदी के किनारे बसे 50 गांवों के लोगों को सतर्क रहने और निचले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
राजधानी जयपुर में गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। हालांकि, बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।
सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में सुबह हुई तेज बारिश से मुख्य बाजारों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। नीम का थाना और आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
चूरू जिले के सादुलपुर में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में चार फीट तक पानी जमा हो गया। कई घरों में पानी घुस गया, जबकि वार्ड नंबर-1 में सीवरेज लाइन धंसने से नागरिक सुविधाएं प्रभावित हुईं।
धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में भारी बारिश के बाद कई कॉलोनियों की सड़कें जलमग्न हो गईं। लगातार बढ़ते पार्वती नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। आशंका जताई गई है कि कुछ गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से कट सकता है। पिछले दो दिनों की बारिश से कई स्थानों पर भवनों को भी नुकसान पहुंचा है।
भरतपुर के नदबई क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण दो मकानों का बड़ा हिस्सा ढह गया। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले डीग जिले के कामां क्षेत्र के घिलावटी गांव में भी भारी बारिश के चलते दो मंजिला मकान ढह गया था, लेकिन उसमें भी कोई घायल नहीं हुआ।
आईएमडी जयपुर केंद्र के निदेशक आर.एस. शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास एक नया चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है, जो अगले 24 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। उन्होंने बताया कि मानसून ट्रफ वर्तमान में श्रीगंगानगर और दिल्ली से होकर गुजर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में अलवर, भरतपुर, जयपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और सीकर जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा हुई। सबसे अधिक 158 मिमी बारिश डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, भरतपुर और जयपुर संभाग में मध्यम से भारी तथा कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश की संभावना है। वहीं कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने कहा कि 8 से 10 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश तथा कुछ इलाकों में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी अवधि में पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 15 अगस्त के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
उधर, पिछले दो दिनों की बारिश से करौली जिले के जागर बांध का जलस्तर भी करीब 1.5 फीट बढ़ गया है।
लगातार बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। दौसा में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री, अलवर में 27.8 डिग्री, सिरोही में 27.6 डिग्री, प्रतापगढ़ में 28.7 डिग्री, डूंगरपुर में 30.6 डिग्री और उदयपुर में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।




