छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के निर्माण स्थल पर पिछले दो दिनों से जारी भारी तनाव के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पन्ना नेशनल पार्क के अंदर स्थित ढोढन गांव में ग्रामीणों द्वारा पुलिस टीम पर किए गए जानलेवा हमले और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया जा रहा है। बुधवार और गुरुवार को हुए इस भीषण पथराव के बाद किशनगढ़ थाने में आंदोलनकारी अमित भटनागर और दिव्या अहिरवार सहित करीब 150 नामजद व अन्य लोगों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही इस पूरे आंदोलन को भड़काने वाले मुख्य चेहरों के बैंक खातों की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कोई विदेशी फंडिंग तो काम नहीं कर रही है।
ढोढन गांव में स्थिति अभी भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, जिसे देखते हुए बांध निर्माण स्थल और आसपास के पूरे इलाके में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बीते दिन पुलिस को आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल करना पड़ा था। इस पूरी स्थिति को लेकर छतरपुर जिला प्रशासन और पुलिस बेहद गंभीर हैं। पूर्व में जिला कलेक्टर द्वारा परियोजना से प्रभावित ग्रामों के संबंध में समन्वय बैठक आयोजित कर ग्रामीणों को समझाइश दी गई थी कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा गलतफहमी में न आएं, क्योंकि प्रशासन उनकी समस्याओं और सुझावों पर निरंतर सकारात्मक चर्चा कर आवश्यक कदम उठा रहा है।
इसके बावजूद वर्तमान में शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों के खिलाफ अब वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में यह प्राथमिक तथ्य भी सामने आया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने के लिए बेहद भ्रामक और अफवाहपूर्ण खबरें प्रसारित की जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, आंदोलन के दौरान खून निकलने का झूठा नाटक रचने के लिए महावर रंग का उपयोग करने संबंधी भ्रामक जानकारियां, गांव में वैवाहिक कार्यक्रम में पुलिस द्वारा बाधा उत्पन्न करने की झूठी खबरें और कई अन्य तथ्यहीन पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की गई हैं।
छतरपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि ऐसी भड़काऊ और गलतफहमी पैदा करने वाली खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट या शेयर करने वाले शरारती तत्वों को तेजी से चिन्हित किया जा रहा है और इन सभी के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट, बिना जांच की हुई या भ्रामक जानकारी को सोशल मीडिया पर आगे फॉरवर्ड न करें, क्योंकि ऐसी अफवाहों से न सिर्फ जनसामान्य के जीवन पर बुरा असर पड़ता है बल्कि महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न होता है। फिलहाल बांध स्थल पर भारी पुलिस बल मुस्तैद है और उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

