नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को केरल को कई बड़े हेल्थकेयर कदमों का भरोसा दिलाया। इनमें तिरुवनंतपुरम के के. करुणाकरण मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में अगले एकेडमिक ईयर से 100 एमबीबीएस सीटों के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देना और राज्य के लिए एम्स को मंजूरी देने के केंद्र के वादे को दोहराना शामिल है।ये आश्वासन नई दिल्ली में केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान दिए गए।

केरल के मंत्री के अनुसार, नड्डा ने इस बात पर चिंता जताई कि लगभग एक दशक पहले करोड़ों रुपए का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद के. करुणाकरण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिले शुरू नहीं हो पाए।

इस देरी को 'आपराधिक लापरवाही' बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर समय पर दाखिले शुरू हो जाते तो लगभग 1,100 छात्रों को मेडिकल शिक्षा का लाभ मिल सकता था।

मेडिकल शिक्षा के अलावा, नड्डा ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी कई अहम पहलों के लिए केरल को केंद्र की ओर से मदद का भरोसा दिया।

उन्होंने राज्य से केरल में भारत का पहला जेनेटिक इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव भेजने को कहा और जिला अस्पतालों को मजबूत करके हर जिले में ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने में मदद का वादा किया।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज बढ़ाने के केरल के अनुरोध को सैद्धांतिक मंजूरी दी और राज्य के तीन मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने में मदद का भरोसा भी दिया।

नड्डा ने लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन देने के लिए केंद्रीय मदद का वादा किया और कहा कि केरल द्वारा मौजूदा फंड की कमी बताए जाने के बाद केंद्र नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर विचार करेगा।

केरल के प्रतिनिधिमंडल ने गैर-संचारी रोगों की दवाओं, कुछ खास कैंसर की दवाओं और ऐसी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मांगी जो अभी भारत में उपलब्ध नहीं हैं।

नड्डा ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने में केरल की भूमिका को मानते हुए स्टेट वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ाने पर भी सहमति जताई।

मंत्री मुरलीधरन के अनुसार, नड्डा ने केरल की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली की सराहना की और बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया, जिसमें केंद्रीय मंत्री ने राज्य की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

केंद्र के इन आश्वासनों से, खासकर मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और विशेष स्वास्थ्य संस्थानों का समर्थन करने से, केरल के स्वास्थ्य क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और मेडिकल शिक्षा में सुधार के व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।