रोम। इटली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और बॉर्डर कंट्रोल से जुड़ी चिंताओं के कारण, वह स्पेन से आने वाले तीसरे देशों के नागरिकों के लिए शेंगेन समझौते को अस्थायी रूप से रोकने के अपने फैसले को कम से कम 15 अगस्त तक नहीं बदलेगी।

सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे मामलों में इटली 'किसी तरह का अल्टीमेटम या बाहरी दबाव स्वीकार नहीं करता।'

सरकार के अनुसार, यह अस्थायी कदम तब तक जारी रहेगा जब तक अधिकारियों को यह भरोसा नहीं हो जाता कि इटली के लिए कोई सुरक्षा या आतंकवाद संबंधी खतरा नहीं है, यूरोप की ओर बड़े पैमाने पर प्रवासियों की कोई नई लहर नहीं आ रही है, और स्पेन के रास्ते कोई अनियमित प्रवासी इटली की ओर नहीं बढ़ रहे हैं।

इटली के अधिकारियों ने बताया कि स्पेन के अधिकारियों ने 15 अगस्त के आसपास स्पेन के स्‍यूटा क्षेत्र में प्रवासियों की एक नई लहर आने की संभावना को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति की दोबारा समीक्षा तभी की जाएगी जब इससे जुड़े सुरक्षा जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

सरकार ने कहा कि यह कदम स्पेन के खिलाफ नहीं है और उसे 'एक मित्र देश' बताया। सरकार ने कहा कि इटली पहले भी स्लोवेनिया जैसे देशों के साथ इसी तरह के अस्थायी सीमा नियंत्रण लागू कर चुका है। साथ ही, यूरोप के अन्य देशों ने भी पहले इटली और स्पेन के लिए ऐसे कदम उठाए हैं।

इटली ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा चिंताएं कम होने के बाद वह स्पेन सरकार के साथ रचनात्मक बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि ये अस्थायी नियंत्रण स्पेन या अन्य यूरोपीय संघ (ईयू) के नागरिकों पर लागू नहीं होंगे, यदि वे हवाई या समुद्री मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। साथ ही, इटली की सीमा एजेंसियां वैध सीमा-पार यात्रा में कम से कम बाधा आने की कोशिश करेंगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब इटली ने हाल ही में घोषणा की कि वह शेंगेन व्यवस्था के तहत स्पेन से आने वाले गैर-यूरोपीय देशों के नागरिकों के लिए अस्थायी सीमा नियंत्रण फिर से लागू करेगा। इटली ने इसके पीछे अनियमित प्रवासन और स्पेन के रास्ते आने वाले प्रवासी प्रवाह से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों का हवाला दिया था।

इस फैसले पर मैड्रिड ने आपत्ति जताई। स्पेन का कहना है कि यह कदम जरूरत से ज्यादा सख्त है और शेंगेन क्षेत्र के लोगों की स्वतंत्र आवाजाही के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है।