वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की बमबारी पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी।
ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है। हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं। ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।
ट्रंप ने एक बयान में कहा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर चुके हैं।” उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत “ईरान की जनता के लिए न्याय” है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उन सभी अमेरिकी नागरिकों और दुनिया के कई अन्य देशों के लोगों के लिए न्याय है, जो खामेनेई और उनके साथियों की वजह से मारे गए या घायल हुए।
ट्रंप ने कहा कि खामेनेई “हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर काम किया और खामेनेई या उनके साथ मारे गए अन्य नेता कुछ भी नहीं कर सके।
ट्रंप ने इस स्थिति को ईरान की जनता के लिए अपना देश वापस पाने का “सबसे बड़ा मौका” बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की आईआरजीसी, सेना और अन्य सुरक्षा बलों के कई सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी उन्हें सुरक्षा मिल सकती है, लेकिन बाद में उन्हें केवल मौत का सामना करना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि आईआरजीसी और पुलिस बल शांति से ईरान के देशभक्तों के साथ मिलकर काम करेंगे और देश को फिर से मजबूत बनाएंगे। उन्होंने दावा किया कि खामेनेई की मौत के साथ-साथ एक ही दिन में ईरान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने कहा कि शांति स्थापित करने के लक्ष्य को पूरा करने तक सटीक और भारी बमबारी लगातार जारी रहेगी। उनका कहना था कि यह कदम पूरे मध्य पूर्व और दुनिया में शांति लाने के लिए उठाया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने एक्स पर कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी नेशनल सिक्योरिटी टीम के सदस्यों के साथ मार-ए-लागो में रात भर हालात पर नजर रखी।”
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फ़ोन पर बात की।” लेविट ने आगे कहा कि “हमलों से पहले, मार्को रुबियो ने आठ लोगों के गैंग के सभी सदस्यों को कांग्रेसनल नोटिफिकेशन देने के लिए फ़ोन किया था, और वह आठ सदस्यों में से सात तक पहुंचकर उन्हें जानकारी दे पाए।” उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति और उनकी नेशनल सिक्योरिटी टीम पूरे दिन स्थिति पर करीब से नजर रखेगी।”
अमेरिकी अधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति का मानना है कि कूटनीति अब कोई प्रभावी विकल्प नहीं बचा है। उनका कहना था कि खुफिया रिपोर्टों के आधार पर ईरान की मिसाइल क्षमता और परमाणु कार्यक्रम से गंभीर खतरा है। इस घोषणा के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, रीजनल प्रॉक्सी और बैलिस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट को लेकर यूएस और ईरान के बीच दशकों से अनबन चल रही है।



