सागर,जिशान। सागर-दमोह फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना को गति देने के लिए कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्य प्रारंभ करने में किसी भी प्रकार की देरी न हो। साथ ही, सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने और पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जिसके पूर्ण होने से सागर से जबलपुर तक की यात्रा सुगम होगी और समय की बचत होगी। उन्होंने वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया, ताकि निर्माण एजेंसी की नियुक्ति कर कार्य प्रारंभ किया जा सके। इसके अलावा सागर-रहली-तेंदूखेड़ा मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।
परियोजना को मंत्रिपरिषद द्वारा 9 दिसंबर 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई थी। लगभग 76.680 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग को 4-लेन (पेव्ड शोल्डर सहित) में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के अंतर्गत क्रियान्वित होगी, जिसकी कुल लागत लगभग 2059.85 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें 40 प्रतिशत लागत राज्य सड़क विकास निगम द्वारा वहन की जाएगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि 15 वर्षों तक छमाही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से दी जाएगी। इसके अतिरिक्त भू-अर्जन और अन्य कार्यों के लिए 323.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस परियोजना के अंतर्गत 13 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 9 मध्यम पुल, 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROV), 13 बड़े जंक्शन और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण प्रस्तावित है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान सभी सड़कों पर स्पष्ट संकेतक (साइनेज) लगाए जाएं, ताकि यात्रियों को डायवर्जन और मार्ग की जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।



