काठमांडू। नेपाल में भारतीय दूतावास ने बताया कि भारतीय सुरंग बचाव दल ने रविवार को नेपाली सेना की टीम के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर तलाशी और बचाव अभियान चलाया।नेपाल में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "भारत की सुरंग बचाव टीम ने चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में हाइड्रोपावर सुरंग स्थलों पर तलाशी और बचाव अभियान चलाने के लिए नेपाली सेना की टीम के साथ काम किया। यह टीम नेपाली सेना के साथ घनिष्ठ समन्वय में तलाशी और बचाव अभियान जारी रखेगी।"
इस बीच, भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में काम करना शुरू कर दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह टीम पीड़ितों के शवों की पहचान के लिए नेपाल में डीएनए सैंपल के विश्लेषण में मदद करेगी।
बयान में कहा गया, "नेपाल में भारत के राजदूत (नवीन श्रीवास्तव) ने फोरेंसिक टीम से मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी। इसके बाद टीम ने काठमांडू में नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के फोरेंसिक विभाग में अपने समकक्षों के साथ चर्चा की।"
इसमें आगे कहा गया, "सुरंग बचाव अभियान दल ने आज भी अपना काम जारी रखा और चिलिमे और लांगटांग में हाइड्रोपावर स्थलों पर नेपाली सेना के तलाशी और बचाव प्रयासों में सहयोग किया। खराब मौसम के बावजूद टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग में प्रवेश करने और एक व्यक्ति के शव को निकालने में सफल रही। यह टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास अपना सहयोग अभियान जारी रखे हुए है।"
मंत्रालय ने यह भी बताया कि रविवार रात 9:30 बजे तक, चीन की तरफ से स्थानीय सरकारी सूत्रों के हवाले से 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं।
उसने यह भी कहा कि अभी भी 500 भारतीय नागरिक चीन की तरफ हैं और वे सुरक्षित हैं। इससे पहले दिन में नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए भारत की ओर से सहायता सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट काठमांडू पहुंची।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट नेपाल पहुंची है, और विनाशकारी बाढ़ के बाद जारी सहयोग के तहत सामग्री संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई है।"
इस खेप में खोज और बचाव उपकरणों से लैस एक सुरंग तकनीकी टीम के साथ-साथ डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी शामिल है। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।




