गुनौर, जीतेन्द्र रजक। गुनौर में इन दिनों अवैध बोरवेल खनन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों में दिन-रात भारी बोर मशीनों की आवाज गूंज रही है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति खुलेआम बोरवेल खनन कराया जा रहा है और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।


नगरवासियों का कहना है कि शासन द्वारा भूजल संरक्षण को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं, बावजूद इसके नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई स्थानों पर बिना वैध अनुमति के बोरवेल कराए जा रहे हैं, जिससे लगातार गिरते भूजल स्तर पर और अधिक खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में गुनौर क्षेत्र गंभीर जल संकट की चपेट में आ सकता है।


स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि आखिर इन मशीन संचालकों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो प्रशासनिक आदेशों को दरकिनार कर बेखौफ तरीके से काम कर रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध बोरवेल खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भूजल का अंधाधुंध दोहन रोका जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक चुप्पी साधे रहता है या फिर अवैध बोरवेल खनन के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाता है।