तेल अवीव, 24 मई । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और मैं इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के साथ किसी भी आखिरी समझौते में न्यूक्लियर खतरा खत्म होना चाहिए। इसका मतलब ईरान के न्यूक्लियर संवर्धन साइट्स को खत्म करना और उसके संवर्धित न्यूक्लियर मैटीरियल को उसके इलाके से हटाना है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने लेबनान समेत हर फ्रंट पर खतरों से खुद को बचाने के इजरायल के अधिकार को भी दोहराया।प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने कल रात राष्ट्रपति ट्रंप से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एमओयू और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर फाइनल समझौते के लिए होने वाली बातचीत के बारे में चर्चा की। मैंने राष्ट्रपति ट्रंप की इजरायल की सुरक्षा के लिए उनके पक्के कमिटमेंट के लिए बहुत सराहना की, जिसमें ऑपरेशन रोरिंग लायन और एपिक फ्यूरी के दौरान भी शामिल है, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरानी खतरे के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी।"

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लड़ाई के मैदान में साबित हो चुकी है और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है। राष्ट्रपति ट्रंप की तरह मेरी नीति भी वैसी ही है कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, मसौदा समझौते में सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है, जिसमें लेबनान पर इजरायल के हमले भी शामिल हैं। नेतन्याहू, जो हिज्बुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग कर रहे हैं। यदि यह प्रावधान समझौते में शामिल होता है तो उससे खुश नहीं होंगे।

अमेरिका की मध्यस्थता में पिछले महीने लागू हुए संघर्ष विराम के बावजूद इजरायल ने लेबनान में खासकर दक्षिणी लेबनान की लितानी नदी के दक्षिण और उत्तर दोनों क्षेत्रों में, नियमित हवाई हमले जारी रखे हैं।

जवाब में ईरान समर्थित लेबनानी सशस्त्र समूह हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं।