टीकमगढ़/निवाड़ी। मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह अपने गृह क्षेत्र टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के अल्प प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए न केवल कानून व्यवस्था की समीक्षा की, बल्कि सर्किट हाउस में आम जनता और किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित कराया।


राजस्व और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा

डॉ. सिंह ने टीकमगढ़, लिधौरा, मोहनगढ़ और पृथ्वीपुर के सर्किट हाउस में राजस्व एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में आई तेज आंधी और बेमौसम बारिश से हुए फसलों व संपत्ति के नुकसान की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था और मानव अधिकार उल्लंघन से जुड़े संवेदनशील प्रकरणों पर अब तक की गई कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


किसानों की समस्याओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश

प्रवास के दौरान बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय नागरिक अपनी समस्याएं लेकर डॉ. सिंह के पास पहुंचे। उन्होंने विशेष रूप से जमीन के सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे लंबित राजस्व मामलों पर संबंधित तहसीलदारों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि आम जन को अपने ही अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।


केन-बेतवा परियोजना और जनहित के मुद्दों पर पहल

उल्लेखनीय है कि डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की सक्रियता के चलते क्षेत्र में मानव अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को भी न्याय मिल रहा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत आने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और आर्थिक सहायता के प्रकरणों में उनके हस्तक्षेप से प्रशासनिक कार्यवाही में तेजी आई है।


धार्मिक दर्शन और आत्मीय स्वागत

अपने भ्रमण के दौरान डॉ. सिंह ने सुप्रसिद्ध ओरछा धाम पहुंचकर भगवान रामराजा सरकार के दर्शन किए। इसके उपरांत उन्होंने आमंत्रण पर मोहनगढ़, गुलाबपुरा, रौतेरा, रमपूरा, सिमरा और दिगवार जैसे ग्रामीण अंचलों का सघन दौरा किया। ग्रामीण क्षेत्रों में पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों और स्वजातीय बंधुओं द्वारा उनका अनेक स्थानों पर भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया।