तिरुवनंतपुरम। केरल में बुधवार से फिर से तेज बारिश के आसार हैं क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पूरे राज्य में मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार के लिए सात जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, कन्नूर और कासरगोड में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम प्रणाली के बुधवार रात या गुरुवार तड़के आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और ओडिशा के गोपालपुर के बीच तट को पार करने की उम्मीद है।

इसके असर से केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गतिविधि तेज होने की संभावना है, जिससे अगले कुछ दिनों में और बारिश हो सकती है।

पूर्वी पहाड़ी इलाकों में बहुत तेज बारिश होने की उम्मीद है, इसलिए अधिकारियों ने भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुरुवार को बारिश का अलर्ट उत्तरी केरल की ओर बढ़ जाएगा, जिसमें मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड को येलो अलर्ट के दायरे में रखा गया है।

इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। शुक्रवार को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है और तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

लगातार बारिश की संभावना के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों ने तेज हवाओं के दौरान पेड़ उखड़ने और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की आशंका के बारे में भी चेतावनी दी है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कमजोर घरों, नदी के किनारों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है।

केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक के तटों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है क्योंकि समुद्र में हलचल और तेज हवाओं की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है और तालुक स्तर पर कंट्रोल रूम खोले गए हैं।

अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम और आपदा प्रबंधन सलाह का पालन करने और सोशल मीडिया के जरिए बिना पुष्टि वाली जानकारी न फैलाने का आग्रह किया है।

आईएमडी के आने वाले घंटों में और बुलेटिन जारी करने की उम्मीद है, और मौसम प्रणाली की गति और तीव्रता के आधार पर जिलेवार अलर्ट में बदलाव हो सकता है।