विजयवाड़ा, 26 मई । कई अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। इसके बाद मंगलवार से आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच शुरू कर दी है।विजयवाड़ा हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों के लिए इबोला वायरस की निवारक जांच शुरू कर दी गई है। सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे आगमन के बाद ट्रेवल हिस्ट्री संबंधी स्व-घोषणा पत्र भरें।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री सत्यकुमार यादव ने रविवार को घोषणा की कि कई अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के व्यापक प्रसार, बढ़ते मामलों की संख्या और बढ़ती मृत्यु दर को देखते हुए राज्य में आवश्यक एहतियाती उपाय लागू किए गए हैं।

उन्होंने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देशों में इबोला वायरस के उच्च संचरण दर के बारे में विशेष चिंता व्यक्त की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी चेतावनियों के साथ-साथ केंद्र सरकार से प्राप्त विशिष्ट दिशा-निर्देशों, सलाह और सिफारिशों के मद्देनजर राज्य मंत्री ने घोषणा की कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इबोला वायरस के प्रसार से प्रभावी ढंग से निपटने और संभावित मामलों का प्रबंधन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

उन्होंने घोषणा की कि हवाई अड्डा अधिकारियों और संबंधित जिलों के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच घनिष्ठ समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।

इस समन्वय का उद्देश्य विशाखापत्तनम, तिरुपति और विजयवाड़ा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के माध्यम से कांगो, युगांडा और सूडान से राज्य में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए स्क्रीनिंग और नैदानिक परीक्षण की सुविधा प्रदान करना है।

अधिकारियों ने कहा कि वायरस के लक्षण प्रदर्शित करने वाले व्यक्तियों को तुरंत क्वारंटाइन में रखा जाएगा और उनके निकट संपर्क में आए लोगों की चिकित्सा जांच शीघ्रता से की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले शहरों में स्थित अस्पतालों में 15 बिस्तरों से सुसज्जित विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं।